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पाकिस्तान में फिर हुआ 'अज्ञात' का एक्शन, पुलवामा का मास्टरमाइंड बुरहान हमजा 72 हुर्रों के पास पहुंचा


नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रचने वाले पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को एक और करारा झटका लगा है। वर्ष 2019 में हुए भीषण पुलवामा आत्मघाती आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में से एक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'अल बद्र' के टॉप कमांडर अर्जमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मारे जाने की बड़ी खबर सामने आई है। मिडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमेशा की तरह इस बार भी वारदात को 'अज्ञात हमलावरों' ने अंजाम दिया है।

लंबे समय से था मोस्ट वांटेड, PoK में छिपे होने की थी खबर
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुरहान हमजा मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के खारबटपोरा इलाके का रहने वाला था। भारतीय सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शीर्ष पर शामिल यह आतंकी पिछले करीब 7 वर्षों से सीमा पार भागकर पाकिस्तान और PoK के सुरक्षित ठिकानों में शरण लिए हुए था। वहीं बैठकर वह जम्मू-कश्मीर में दोबारा आतंक को हवा देने और स्थानीय युवाओं को भड़काने के लिए डिजिटल माध्यमों से लगातार सक्रिय था।

बुरहान हमजा न केवल अल-बद्र का मुख्य रणनीतिकार था, बल्कि वह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर घाटी में हथियारों की सप्लाई, गैर-स्थानीय मजदूरों और जन प्रतिनिधियों (पंच-सरपंचों) पर हमले कराने की साजिशें रचने में भी लिप्त था।

'अज्ञात बंदूकधारियों' का एक और अचूक निशाना
पाकिस्तानी मीडिया और खुफिया सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, PoK में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने बुरहान हमजा को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस अचानक हुए हमले में वह मौके पर ही ढेर हो गया। पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान और PoK की धरती पर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले दर्जन भर से ज्यादा बड़े आतंकियों (जैसे लश्कर, जैश और हिजबुल के कमांडर) को इसी अंदाज में अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतारा है। इस घटना को भी उसी सिलसिले की अगली कड़ी माना जा रहा है।

पुलवामा हमले के जख्म और सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में देश के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे। इस कायरतापूर्ण हमले की साजिश के पीछे बुरहान हमजा की भूमिका बेहद अहम थी। भारतीय जांच एजेंसियों (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज किए थे।

बुरहान हमजा के खात्मे की इस खबर से घाटी में सक्रिय अल-बद्र और अन्य सीमा पार के आतंकी संगठनों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन इस घटना पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।