logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का बड़ा दावा; कहा- देश में बनेगी लॉकडाउन जैसी स्थिति, पेट्रोल-डीजल एक दाम होंगे 150 पार; चुनाव आयोग को बताया भाजपा का दलाल ⁕
  • ⁕ भारत के दरवाजे पर पहुंचा इबोला वायरस! युगांडा से नागपुर आई व्यक्ति क्वारंटाइन, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: माओवादियों का हथियार निर्माण ठिकाना ध्वस्त, जंगल में दबा विस्फोटक सामग्री पुलिस ने की नष्ट ⁕
  • ⁕ Buldhana: डीज़ल संकट से भड़के किसान, नागपुर–पुणे–मुंबई हाईवे किया जाम; सड़क पर लगा वाहनों की कतारें ⁕
  • ⁕ बढ़ती तपिश से लोग बेहाल, लेकिन कूलर बाजार में बंपर उछाल; पिछले साल से तीन गुना ज्यादा बिक्री ⁕
  • ⁕ प्रफुल्ल गुडधे बने नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष, जिम्मेदारी के लिए पार्टी को दिया धन्यवाद; कहा- सभी को साथ लेकर करूँगा काम ⁕
  • ⁕ Amravati: भीषण गर्मी के बीच शिवटेकड़ी जॉगिंग ट्रैक पर लगाए गए वाटर फॉगर्स, नागरिकों को मिली राहत ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Ajani Cable Stay Bridge: फंड मिलने में हुई देरी ने ब्रिज निर्माण में किया विलंब, अब दिसंबर तक पूरा होगा पहला चरण


नागपुर: नागपुर के महत्वाकांक्षी अजनी केबल-स्टे ब्रिज के पहले चरण का निर्माण कार्य अब अक्टूबर 2025 तक पूरा होता नहीं दिख रहा है। परियोजना के लिए फंड जारी होने में हुई देरी को इस विलंब का मुख्य कारण बताया जा रहा है, जिससे निर्माण की गति पर सीधा असर पड़ा है। हालांकि, फंड मिलने के बाद निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। इसके तहत अब पहले चरण अक्टूबर के बजाय दिसंबर महीने में शुरू होने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) द्वारा निर्मित यह 333 करोड़ रुपये का छह-लेन का पुल, शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब पहले केबल-स्टे ब्रिज के दिसंबर 2025 तक ही खुलने की उम्मीद है, जो मूल लक्ष्य से कम से कम दो महीने अधिक है।

क्या हैं देरी के कारण?

परियोजना में हो रही देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख कारणों में से एक पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की कमी है। बताया जा रहा है कि फंड जारी होने में हो रही देरी ने निर्माण कार्य की गति को प्रभावित किया है। इसके अलावा, परियोजना के शुरुआती चरणों में कुछ डिज़ाइन अनुमोदन में भी देरी हुई, जिससे काम की शुरुआत में ही पिछड़ना पड़ा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह ब्रिज?

यह नया पुल 125 साल पुराने ब्रिटिश-युग के अजनी पुल का स्थान लेगा, जिसे उसकी जर्जर हालत के कारण भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। नए केबल-स्टे ब्रिज को दो चरणों में बनाया जा रहा है ताकि पुराने पुल पर यातायात को बाधित किए बिना काम जारी रह सके। पहले चरण में एक तरफ का पुल पूरा होने के बाद, पुराने पुल को ध्वस्त कर दिया जाएगा और यातायात को नव निर्मित पुल पर मोड़ा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू होगा।

काम तेजी से शुरू, पूरा होगा काम 
महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मनोज जायसवाल ने कहा कि, "ब्रिज के काम पूरा होने में कई संस्था काम कर रही है। शुरुआत में डिजाइन सहित अन्य मंजूरी मिलने में समय लगा। इसके साथ फंड मिलने में भी देरी हुई, जिससे निर्माण की गति धीमी हुई। हालांकि, अब फंड मिल रहा है और काम तेजी से किया जा रहा है। जायसवाल ने कहा कि, शुरुआत में भले देरी हुई लेकिन दिंसबर तक ब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा।