logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुलिस भर्ती की प्रक्रिया आज से हुई शुरू, 130 पदों के लिए 71,148 उम्मीदवारों ने किया आवेदन ⁕
  • ⁕ 23 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, 6 मार्च को पेश होगा बजट; 25 मार्च तक चलेगा विधानमंडल का सत्र ⁕
  • ⁕ निम्न पैनगंगा प्रकल्प: यवतमाल जिलाधिकारी के खिलाफ भड़का जनआक्रोश; ग्रामसभा के विरोध के बावजूद ब्लास्टिंग की अनुमति देने का आरोप ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोराडी में 15 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, घर में फांसी लगाकर दी जान ⁕
  • ⁕ Bhandara: सेतु केंद्र का संचालक 11 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, असली दस्तावेज लौटाने के लिए मांगे थे पैसे ⁕
  • ⁕ रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! नागपुर से मुंबई और पुणे के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; अकोला के यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा ⁕
  • ⁕ Nagpur: यशोधरानगर में ऑटो वर्कशॉप में हुई चोरी, 3.40 लाख का सामान गायब, पुलिस कर रही खोजबीन ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

Ajani Cable Stay Bridge: फंड मिलने में हुई देरी ने ब्रिज निर्माण में किया विलंब, अब दिसंबर तक पूरा होगा पहला चरण


नागपुर: नागपुर के महत्वाकांक्षी अजनी केबल-स्टे ब्रिज के पहले चरण का निर्माण कार्य अब अक्टूबर 2025 तक पूरा होता नहीं दिख रहा है। परियोजना के लिए फंड जारी होने में हुई देरी को इस विलंब का मुख्य कारण बताया जा रहा है, जिससे निर्माण की गति पर सीधा असर पड़ा है। हालांकि, फंड मिलने के बाद निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। इसके तहत अब पहले चरण अक्टूबर के बजाय दिसंबर महीने में शुरू होने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) द्वारा निर्मित यह 333 करोड़ रुपये का छह-लेन का पुल, शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब पहले केबल-स्टे ब्रिज के दिसंबर 2025 तक ही खुलने की उम्मीद है, जो मूल लक्ष्य से कम से कम दो महीने अधिक है।

क्या हैं देरी के कारण?

परियोजना में हो रही देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख कारणों में से एक पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की कमी है। बताया जा रहा है कि फंड जारी होने में हो रही देरी ने निर्माण कार्य की गति को प्रभावित किया है। इसके अलावा, परियोजना के शुरुआती चरणों में कुछ डिज़ाइन अनुमोदन में भी देरी हुई, जिससे काम की शुरुआत में ही पिछड़ना पड़ा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह ब्रिज?

यह नया पुल 125 साल पुराने ब्रिटिश-युग के अजनी पुल का स्थान लेगा, जिसे उसकी जर्जर हालत के कारण भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। नए केबल-स्टे ब्रिज को दो चरणों में बनाया जा रहा है ताकि पुराने पुल पर यातायात को बाधित किए बिना काम जारी रह सके। पहले चरण में एक तरफ का पुल पूरा होने के बाद, पुराने पुल को ध्वस्त कर दिया जाएगा और यातायात को नव निर्मित पुल पर मोड़ा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू होगा।

काम तेजी से शुरू, पूरा होगा काम 
महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मनोज जायसवाल ने कहा कि, "ब्रिज के काम पूरा होने में कई संस्था काम कर रही है। शुरुआत में डिजाइन सहित अन्य मंजूरी मिलने में समय लगा। इसके साथ फंड मिलने में भी देरी हुई, जिससे निर्माण की गति धीमी हुई। हालांकि, अब फंड मिल रहा है और काम तेजी से किया जा रहा है। जायसवाल ने कहा कि, शुरुआत में भले देरी हुई लेकिन दिंसबर तक ब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा।