logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

Bhandara: स्कूलों में नियमों का पालन हो रहा या नहीं होगा निरिक्षण, अनदेखी करने पर मान्यता होगी रद्द; शिक्षा विभाग ने दी चेतावनी


भंडारा: गर्मी की छुट्टियों के बाद 23 जून से सभी सरकारी और निजी स्कूल खुलेंगे। स्कूलों में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं इसको लेकर शिक्षा विभाग ने गहन निरीक्षण शुरू करने का ऐलान किया है। बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चों की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के स्कूलों में सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड, शिकायत पेटी और कर्मचारियों के चरित्र की जांच अनिवार्य कर दी गई है। अगर यह पाया गया कि स्कूल प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी की है, तो पहले स्पष्टीकरण दिया जाएगा और अगर स्कूल नियमों के पालन में आनाकानी करता है, तो संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी ऐसी चेतावनी भी दी।

कुछ महीने पहले राज्य के बदलापुर में एक निजी स्कूल में प्रताड़ना की घटना हुई थी। इस घटना के बाद महायुति सरकार पर जमकर हमला हुआ था। इस मामले के संदिग्ध अक्षय शिंदे की मुठभेड़ में मौत हो गई थी और इस घटना के लिए कोर्ट ने महायुति सरकार को फटकार लगाई थी। घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 केन्द्र सरकार का अधिनियम है तथा उक्त अधिनियम के अन्तर्गत विनियम केन्द्र सरकार द्वारा 14 नवम्बर 2012 से लागू किए गए हैं। इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ 18 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति को बालक माना गया है। बालकों के यौन शोषण की सूचना मिलने पर सम्बन्धित शिक्षण संस्थान प्रबंधन/शिक्षकों तथा विद्यालयों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार स्थानीय पुलिस थाने अथवा विशेष किशोर पुलिस दल को सूचित करना अनिवार्य होगा।

 विद्यार्थी के साथ दुर्व्यवहार होता है तो शिकायत करें


विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत पास्को ई-बॉक्स तथा चिराग एप पर दर्ज कराने में विद्यार्थियों की सहायता करना आवश्यक होगा। सभी स्कूल परिसर में चारदीवारी होना अनिवार्य है, सुबह, दोपहर और स्कूल से निकलते समय छात्रों की उपस्थिति दर्ज करना, छात्र के अनुपस्थित रहने पर अभिभावकों को संदेश भेजना, छात्रों की काउंसलिंग करना, कर्मचारियों का चरित्र परीक्षण करना। जिस बस में छात्र यात्रा करेंगे, उस बस के चालक का सत्यापन करना, बस में जीपीएस सिस्टम लगाना, शौचालय और वाशरूम की नियमित सफाई करना आवश्यक है।