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Nagpur

सावधान! नागपुर में 24 से 27 अप्रैल के बेच तेज बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट


नागपुर: उपराजधानी सहित पूरे विदर्भ में बेमौसम बारिश का दौर जारी है। इसी बीच अब एक बार फिर मौसम विभाग जिले सहित पूरे विदर्भ में 24 से 27 अप्रैल के बीच तूफानी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की भी संभावना जताई है। वहीं इस अप्रैल में हुई बारिश ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिया है, सामान्य की तुलना में इस साल 197 फीसदी अधिक वर्षा हुई है।

अप्रैल महीने में तापमान हुआ 40 पार

राज्य में सबसे ज्यादा तापमान विदर्भ में रिकॉर्ड किया गया। अप्रैल और मई के दो महीनों में सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड किया जाता है। अप्रैल महीने में तापमान 40 के पार हो गया है और बेमौसम बारिश फिर से शुरू हो गई है क्योंकि पारा अभी और बढ़ना तय है। बारिश के कारण तापमान में भी लगातार गिरावट आ रही है और नागरिकों को बढ़ी गर्मी से राहत मिली है। 19 अप्रैल को एक ही दिन में उप राजधानी में पारा 42 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि गोंदिया के चंद्रपुर में भी तापमान 42.43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बेमौसम बारिश और बादल छाए रहने से तापमान चालीस के दशक में वापस आ गया है, जो 35 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।

बुलढाणा जिले में  2125 फीसदी अधिक बारिश

बुलढाणा जिले में अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहां 1.5 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है, लेकिन यहां पर 33.4 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। यह सामान्य से 2125 फीसदी अधिक है।  वाशिम जिले में भी 652  फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां 3.1 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है, लेकिन यहां पर 23.3 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, अमरावती जिले में इस माह 875 फीसदी, वर्धा 439 फीसदी, यवतमाल 249 फीसदी, और नागपुर में 194 फीसदी बारिश दर्ज हुई है। जबकि विदर्भ में अप्रैल माह में 4.4 सामान्य बारिश होती थी लेकिन इस वर्ष सामान्य से 197 फीसदी अधिक वर्षा हुई है।  

फसलों सहित मानव जीवन को भारी नुकसान

बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसान का हो रहा है। तेज हवा के बारिश के कारण किसानों की फसल लगभग खराब हो चुकी है। बेमौसम बारिश से रबी की फसल को भी ख़ासा नुकसान पहुंचाया है। इसमें गेहूं, चना, मक्का, सरसों, ज्वार के साथ ही आम, अंगूर, केला, संतरे के बाग़ बर्बाद हो चुके है। ओलावृष्टि के कारण सब्जियां भी प्रभावित हुई हैं।  इस बारिश से न केवल किसानों को नुकसान हुआ, बल्कि आम नागरिकों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। कई लोगों के घर गिरे, पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हुए, आकाशीय बिजली गिरने से पशुओं सहित नागरिकों की मौत भी हुई।