अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: दान विवाद के बीच IITian जगदीश आफले बने पहले सचिव, संभालेंगे पाई-पाई का हिसाब!
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे और वित्तीय पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। राम मंदिर दान विवाद और पूर्व पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद उपजे संकट से निपटने के लिए ट्रस्ट ने आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के पूर्व छात्र और प्रोजेक्ट इंजीनियर जगदीश आफले को ट्रस्ट का पहला सचिव (Secretary) नियुक्त किया है।
इसके साथ ही, उन्हें मंदिर के बैंक खातों के संचालन का अधिकार देते हुए ज्वाइंट सिग्नेटरी (संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता) भी बनाया गया है। अब अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और जगदीश आफले मिलकर ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेनदेन संभालेंगे।
विवादों के बाद प्रशासनिक ओवरहाल: क्यों पड़ी नए पद की जरूरत?
हाल ही में मंदिर परिसर में चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी (SIT) जांच और कई गिरफ्तारियां हुई थीं। इस विवाद के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
पूर्व पदाधिकारियों के बाहर होने से बैंकों में ट्रस्ट के खातों के संचालन और कर्मचारियों के वेतन वितरण को लेकर तकनीकी अड़चनें आ रही थीं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ट्रस्ट डीड के नियमों के तहत नए अधिकृत हस्ताक्षरी की मांग कर रहे थे। जगदीश आफले की नियुक्ति के साथ ही इस वित्तीय गतिरोध को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
कौन हैं जगदीश आफले? कॉर्पोरेट दिग्गज से अयोध्या में नि:शुल्क सेवा तक का सफर
- IIT बॉम्बे से पढ़ाई: पुणे निवासी जगदीश आफले ने प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल की है।
- अंतर्राष्ट्रीय अनुभव: उन्होंने भारत सहित अमेरिका और यूरोप की कई दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में उच्च पदों पर दशकों तक काम किया है।
- बिना वेतन 4 साल से सेवा: सेवानिवृत्ति और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, वे अयोध्या पहुंचे। पिछले चार वर्षों से वे तीर्थ क्षेत्र भवन में रहकर राम मंदिर निर्माण के 'मानद प्रोजेक्ट मैनेजर' के रूप में बिना कोई वेतन (मानदेय) लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
- आरएसएस से पुराना नाता: आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1989 के ऐतिहासिक रामशिला पूजन आंदोलन में भी सक्रिय योगदान दिया था।
ट्रस्ट का 'मास्टर प्लान': CEO से लेकर नए अधिकारियों की होगी तैनाती
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह पेशेवर (Professional) बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
- CEO की नियुक्ति प्रक्रिया जारी: मंदिर के दैनिक कामकाज और सुरक्षा-प्रबंधन को संभालने के लिए जल्द ही एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए प्राप्त 5,200 आवेदनों में से योग्य उम्मीदवारों की स्क्रूटनी चल रही है।
- प्रवक्ता और नए मैनेजर: ट्रस्ट जल्द ही एक आधिकारिक मुख्य प्रवक्ता (Spokesperson) और अलग-अलग विभागों के लिए पेशेवर प्रबंधकों की नियुक्ति भी करने जा रहा है।
- सितंबर में औपचारिक मुहर: जगदीश आफले के नाम पर ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में स्वीकृति बन चुकी है, जिसकी औपचारिक प्रशासनिक घोषणा 2 सितंबर 2026 को होने वाली कार्यकारिणी बैठक में की जाएगी।
एक नजर में: राम मंदिर ट्रस्ट का नया प्रशासनिक ढांचा
| क्रमांक | पद | भूमिका नाम | स्थितिमुख्य जिम्मेदारी |
| 1. | अंतरिम महासचिव | कृष्ण मोहन | प्रशासनिक प्रमुख व वित्तीय हस्ताक्षरकर्ता |
| 2. | नवनियुक्त सचिव | जगदीश आफले (IIT Bombay) | दैनिक प्रशासन, वित्तीय नियंत्रण व ज्वाइंट सिग्नेटरी |
| 3. | मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) | प्रक्रियाधीन (5,200 आवेदन) | मंदिर प्रबंधन और ओवरऑल ऑपरेशन्स |
| 4. | मुख्य प्रवक्ता | जल्द चयन होगा | मीडिया और आधिकारिक बयानों का संचालन |
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