परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी: PM मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणी की अगुवाई में बनी 6 सदस्यीय हाई पावर्ड टास्क फोर्स
नई दिल्ली: देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए केंद्र सरकार (Central Government) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर ऐलान किया कि परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय (High-Powered) टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस विशेष समिति की कमान इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) को सौंपी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए लगातार कड़े फैसले ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे आज सलाखों के पीछे हैं। ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई है और संसद में सख्त कानून व कड़ी सजा का प्रावधान भी लाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "केवल दोषियों को सजा देना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य की पूरी परीक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत और भरोसेमंद बनाना जरूरी है कि कोई भी इसमें सेंध न लगा सके।"
दिग्गजों से सजी 6 सदस्यीय समिति
परीक्षा व्यवस्था में तकनीक और प्रशासनिक मजबूती का समावेश करने के लिए देश के प्रमुख विशेषज्ञों को इस टास्क फोर्स में शामिल किया गया है:
- नंदन नीलेकणी (सह-संस्थापक, इन्फोसिस) – अध्यक्ष
- डॉ. एस. सोमनाथ (पूर्व अध्यक्ष, ISRO) – सदस्य
- तपन डेका (पूर्व विशेष निदेशक, IB) – सदस्य
- प्रो. वी. कामकोटी (निदेशक, IIT मद्रास) – सदस्य
- अनीता करवाल (पूर्व सचिव, शिक्षा मंत्रालय) – सदस्य
- अमृतलाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ) – सदस्य
क्या काम करेगी यह टास्क फोर्स?
- व्यापक समीक्षा: देश की मौजूदा परीक्षा प्रक्रियाओं का गहराई से अध्ययन और खामियों की पहचान करना।
- आधुनिक तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग कर पेपर लीक पर पूर्ण विराम लगाना।
- पारदर्शी और सुरक्षित प्रणाली: प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और सेंटर मैनेजमेंट को तकनीक-सक्षम और फुलप्रूफ बनाना।
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