कांग्रेस उम्मीदवार शैलेष अग्रवाल ने अपना नामांकन लिया वापस, भाजपा प्रत्याशी अरुण लखानी का निर्विरोध चुनाव जीतना निश्चित
चंद्रपुर: महाराष्ट्र विधान परिषद् चुनाव (Maharashtra Legislature Council Election 2026) में नामांकन वापस लेने के लिए आज आखिरी दिन है। महायुति (Mahayuti) नेताओं द्वारा लगातार महाविकास अघाड़ी (Mahavikas Aghadi) सहित कांग्रेस (Congress) नेताओं से अपने उम्मीदवारों को वापस लेने का आवाहन किया है। इसी आवाहन के बीच चंद्रपुर (Chandrapur) से बड़ी खबर सामने आई, जहां चंद्रपुर विधान परिषद् सीट से कांग्रेस उम्मीदवार शैलेष अग्रवाल (Shailesh Agrawal) ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। अग्रवाल ने संख्याबल और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं पर पैसे लेने सहित गंभीर आरोप लगाते हुए अपना नामांकन वापस लिया। कांग्रेस उम्मीदवार के पीछे हटने से भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) उम्मीदवार अरुण लखानी (Arun Lakhani) का निर्विरोध चुनाव जितना निश्चित हो गया हैं।
चंद्रपुर-वर्धा-गड़चिरौली स्थानीय स्वराज संस्था निर्वाचन क्षेत्र (Chandrapur-Wardha-Gadchiroli Local Authorities' Constituency) की विधान परिषद चुनाव में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापस लेने के बाद उन्होंने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
शैलेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के ही कुछ स्थानीय नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार की मदद की। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में पैसे बांटने का काम भी कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा किया गया। अग्रवाल ने कहा कि पार्टी के भीतर की गुटबाजी और कुछ नेताओं के रवैये के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। उनके आरोपों के बाद कांग्रेस संगठन में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।
भाजपा के अरुण लखानी निर्विरोध विजयी
चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरौली स्थानीय स्वराज संस्था निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अरुण लखानी निर्विरोध विजयी घोषित हुए हैं। कांग्रेस उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार सुधीर कोठारी द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद चुनाव निर्विरोध हो गया। नामांकन वापसी के अंतिम दिन दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के मैदान से हटने के बाद अरुण लखानी की जीत का रास्ता साफ हो गया।
इसके चलते मतदान की आवश्यकता नहीं रही और निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है, वहीं जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अरुण लखानी के रूप में भाजपा को विधान परिषद में एक और प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है।
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