नागपुर कांग्रेस में महाविस्फोट; नितिन राउत ने पार्टी समर्थको के साथ इस्तीफे की दी चेतवानी! कहा- दलित को वेस्ट पेपर नहीं बनने दूंगा
नागपुर: नागपुर महानगर पालिका (Nagpur Municipal Corportaion) में स्वीकृत सदस्यों (Co-opted Members) के चयन और शहर अध्यक्ष (City President) पद को लेकर कांग्रेस (Congress) की अंदरूनी कलह अब सड़क पर आ गई है। पूर्व ऊर्जा मंत्री और कद्दावर नेता डॉ. नितिन राउत (Nitin Raut) और वर्तमान शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे (Vikas Thakre) आमने सामने आ गए हैं। राउत ने पार्टी के अंदर बार बार अपमान होने का आरोप लगाया। राउत ने कहा कि, दोनों विधायकों को एक-एक पद देने की बात हुई थी, लेकिन ठाकरे समर्थकों ने बिना किसी जानकारी के दोनों पद अपने पास रख लिए। इसी के साथ पूर्व ऊर्जा मंत्री ने कांग्रेस पर दलित को केवल इस्तेमाल करने का आरोप लगते हुए कहा कि, वह अब वेस्ट पेपर नहीं बनने देंगे।
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बोलते हुए नितिन राउत ने कहा, "मनपा आयुक्त द्वारा कोटा निर्धारित किए जाने के बावजूद, उन्हें और उनके गुट को पूरी प्रक्रिया से जानबूझकर दूर रखा गया। राउत ने अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि दलित समाज को किनारे करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमें 'वेस्ट पेपर' समझने की गलती न करें।
"3 बजने में 1 मिनट बाकी था, तब भरे गए दोनों पर्चे"
डॉ. राउत ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, "कल सुबह तक हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। मैंने प्रदेश अध्यक्ष को स्पष्ट कहा था कि एक सदस्य हमारा और एक उनका होना चाहिए। पर्यवेक्षकों को भी यह निर्देश दिए गए थे। लेकिन जब हमारा व्यक्ति फॉर्म भरने गया, तो उसे कोई तवज्जो नहीं दी गई। दोपहर 3 बजने में महज एक मिनट बचा था, तब उन्होंने अपने दोनों सदस्यों के नाम दाखिल कर दिए।"
पुरानी रंजिश और अपमान का जिक्र
राउत ने पुरानी घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि यह उनके साथ पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "इससे पहले भी माणिकराव ठाकरे के कार्यकाल में रत्नाकर जयपुरकर का नाम इसी तरह काटा गया था। ये लोग 'एबी फॉर्म' तक गायब कर देते हैं। स्थानीय स्तर पर यह जो छळ (उत्पीड़न) चल रहा है, वह सिर्फ मेरा नहीं बल्कि प्रदेश अध्यक्ष का भी अपमान है क्योंकि उनके निर्देशों की अवहेलना की गई है।"
जातिवाद पर तीखा प्रहार
दलित समाज की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. राउत ने कहा ,""आज देश में जो माहौल है, उसमें दलितों और मुस्लिमों ने ही कांग्रेस को वोट देकर मजबूती दी है। लेकिन स्थानीय स्तर पर जातिवाद शिगे (चरम) पर पहुँच गया है। उत्तर नागपुर को आज तक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। क्या हमें सिर्फ वेस्ट पेपर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा? हम संघर्ष करने वाले लोग हैं और अपना हक मांगते रहेंगे।"
प्रदेश नेतृत्व और पर्यवेक्षकों से बातचीत
डॉ. राउत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले पर प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, प्रभारी रमेश चेन्निथला और रणजीत कांबले से भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक भी नागपुर आए थे, जिनसे उनकी बात हुई है। अब गेंद प्रदेश नेतृत्व के पाले में है और उन्हें तय करना है कि वे इस 'अपमान' पर क्या फैसला लेते हैं।
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