Chandrapur: चंद्रपूर महानगरपालिका में फिर चुनाव, 13 एप्रिल से मिलेंगे आवेदन पत्र 17 को होगा मतदान
- पवन झबाडे
चंद्रपुर: महानगरपालिका की राजनीति में महापौर उपमहापौर और स्थायी समिति अध्यक्ष के चुनाव के बाद अब ‘ झोन समिति’ अध्यक्षों के चयन को लेकर माहौल गर्म हो गया है। 17 अप्रैल को होने वाले इस चुनाव के लिए 13 से 15 अप्रैल के बीच नामांकन पत्र वितरण और 16 अप्रैल को नामांकन दाखिल किए जाने हैं, जिसके चलते अभी से राजनीतिक जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। सत्ताधारी और विपक्षी गुटों के इच्छुक नगरसेवक अपने-अपने नेताओं के पास लॉबिंग कर रहे हैं। खासकर जिन्हें स्थायी समिति में जगह नहीं मिली, उनके पुनर्वास के लिए झोन अध्यक्ष पद को लेकर हलचल तेज हो गई है।
66 नगरसेवक वाली चंद्रपुर महानगरपालिका में 1, 2 और 3 ऐसे तीन झोन हैं। निगम में पार्टीगत समीकरणों को देखते हुए झोन 1 और 3 में भाजपा-शिवसेना गठबंधन मजबूत नजर आ रहा है, लेकिन असली मुकाबला आंतरिक गुटों के बीच है। भाजपा में मुनगंटीवार गुट और जोरगेवार गुट अपने-अपने समर्थकों को अध्यक्ष बनाने के लिए ताकत लगा रहे हैं। वहीं झोन नंबर 2 में कांग्रेस का दबदबा दिख रहा है, लेकिन वडेट्टीवार और धानोरकर गुट के बीच खींचतान जारी है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि यहां किसका वर्चस्व रहेगा।
गठबंधन और समीकरण
महानगरपालिका की कुल 66 सीटों में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। शिवसेना (शिंदे) और शिवसेना (ठाकरे)भाजपा के सहयोगी गुट के रूप में सक्रिय हैं, वहीं कांग्रेस के साथ जनविकास सेना भी झोन अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रही है। ऐसे में किसे मौका मिलता है, इसे लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
किस झोन पर किस पार्टी की ताकत
झोन नंबर 1 में प्रभाग 1, 5, 7, 8 और 9 शामिल हैं। यहां भाजपा के 6, शिवसेना ( उबाठा) के 5, कांग्रेस के 6 और जनविकास सेना के 3 नगरसेवक हैं। भाजपा-शिवसेना गठबंधन के 11 पार्षद होने से अध्यक्ष पद सत्ताधारी गुट के पास जाने की संभावना है।
झोन नंबर 2 में वार्ड 10, 11, 12, 14, 15 और 16 शामिल हैं। यहां कांग्रेस के 14 नगरसेवक हैं, जबकि भाजपा के 5, निर्दलीय 2, शिवसेना (उबाठा)1 और एमआईएम 1 नगरसेवक हैं। इस झोन में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है।
झोन नंबर 3 में वार्ड 2, 3, 4, 6, 13 और 17 शामिल हैं। यहां भाजपा के 12, कांग्रेस के 7, वंचित बहुजन आघाड़ी के 2, बसपा 1 और शिंदे गुट के 1 नगरसेवक हैं। भाजपा के साथ शिंदे गुट होने से यहां भी सत्ताधारी पक्ष मजबूत स्थिति में है।
इच्छुकों की भीड़ ने बढाई, नेताओं की परेशानी
झोन 1 और 3 में संख्या बल स्पष्ट होने के बावजूद अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार किस गुट से होगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। शिवसेना (शिंदे) और शिवसेना (उबाठा)दोनों गुट अपने-अपने नगरसेवक के लिए दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा में भी आंतरिक गुटबाजी उभर सकती है। 17 अप्रैल के चुनाव में कौन बाजी मारेगा इसको लेकर उत्सुकता चरम पर है। साथ ही ऐन वक्त पर टूट-फूट या बगावत रोकना भी पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती है।
ऐसा रहेगा चुनाव कार्यक्रम
- 17 अप्रैल को विशेष बैठक में चुनाव
- 13 से 15 अप्रैल तक सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र वितरण
- 16 अप्रैल को नामांकन दाखिल
- 17 अप्रैल को बैठक शुरू होने तक नामांकन की जांच
- जांच के बाद 15 मिनट में नाम वापसी, उसके बाद चुनाव प्रक्रिया होगी
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