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Nagpur

सावनेर बनेगा डिफेंस-न्यूक्लियर एयरोस्पेस हब, राज्य सरकार ने 2,721 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण को दी मंजूरी


नागपुर: नागपुर के सावनेर (Saoner) की जमीन अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश की रक्षा ताकत का नया केंद्र बनने जा रही है। राज्य सरकार ने 2,721 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण को मंजूरी देकर ‘डीएनए’ डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर (Defense Nuclear Aerospace Corridor) के रास्ते खोल दिए हैं। यह फैसला न केवल विदर्भ के औद्योगिक नक्शे को बदलने वाला है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य को भी नई दिशा देगा।

सावनेर में प्रस्तावित डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (डीएनए) कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार की उच्चाधिकार समिति ने बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 2,721 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिसमें लगभग 2601.2091 हेक्टेयर निजी भूमि और 120.74 हेक्टेयर सरकारी जमीन शामिल है।

यह कॉरिडोर देश के सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा और एयरोस्पेस प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इसके तहत एयरोस्पेस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, मिसाइल निर्माण, हथियार उत्पादन, न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी और एडवांस इंजीनियरिंग से जुड़े बड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे।

सरकार का दावा है कि इस प्रोजेक्ट के आने से सावनेर और आसपास के पूरे नागपुर-विधर्भ क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति देखने को मिलेगी। बड़े पैमाने पर देश-विदेश की कंपनियों का निवेश आएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।

इस परियोजना को आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका को निर्णायक माना जा रहा है। लगातार फॉलोअप और प्रयासों के बाद इस कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी इसे विदर्भ के विकास के लिए “गेम चेंजर” बताया है।

‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह प्रोजेक्ट एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार की योजना है कि सावनेर को एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाए, जहां अत्याधुनिक तकनीक और उत्पादन की सुविधाएं उपलब्ध हों।