Gondia: घर के बाहर निकले 6 वर्षीय मासूम को खींच ले गया बाघ, दर्दनाक मौत से इलाके में दहशत
गोंदिया: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। अर्जुनी मोरगाव तहसील के धाबे टेकडी (आदर्श गांव) में एक नरभक्षी बाघ ने 6 साल के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह घटना कल रात करीब 8 बजे की है, जब बच्चा घर के बाहर निकला था।
दबाव डालकर बैठे बाघ ने किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 वर्षीय प्रज्वल मेश्राम रात के समय लघुशंका (Toilet) के लिए घर से बाहर निकला था। इसी दौरान घर के पास ही झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक मासूम पर हमला कर दिया। बाघ प्रज्वल को अपने जबड़े में दबाकर पास के जंगल की ओर खींचने लगा।
ग्रामीणों ने चलाया तलाशी अभियान
बच्चे के चिल्लाने और शोर मचने पर परिवार वाले और ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर बाहर निकले। ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए जंगल की ओर दौड़ लगाई और तलाशी अभियान शुरू किया। कुछ ही दूरी पर प्रज्वल का क्षत-विक्षत और गंभीर रूप से घायल शव बरामद हुआ। बाघ ग्रामीणों का शोर सुनकर शिकार को छोड़कर जंगल में भाग निकला था।
गाँव में ही बाघ के घुसने से भारी आक्रोश
इस घटना के बाद धाबे टेकडी और आसपास के गाँवों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ अब सीधे बस्ती और घरों तक पहुँच रहे हैं, जिससे किसी की भी जान सुरक्षित नहीं है।
प्रमुख माँगें और प्रशासनिक कार्रवाई:
- वन विभाग को सूचना: घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
- रेस्क्यू टीम का गठन: बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने एक विशेष टीम (Team) का गठन किया है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।
- ग्रामीणों की माँग: गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इस नरभक्षी बाघ को तुरंत 'जेरबंद' (पकड़ा) किया जाए या उसे देखते ही बेहोश कर हटाया जाए, ताकि और किसी की जान न जाए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ी
विदर्भ के इस क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रिहायशी इलाकों में बाघ का घुसना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और वन प्रबंधन पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। मासूम प्रज्वल की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
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