Chandrapur: मनपा की नाली सफाई के ‘विवादित’ ठेके को लेकर नगरसेविका के पति की स्थायी समिति सदस्यों से कथित ‘अर्थपूर्ण’ मुलाकातों की चर्चा
चंद्रपुर: महानगरपालिका में नाली सफाई के ठेके से जुड़े कथित ‘फर्जी दस्तावेज’ का मामला इन दिनों जोर पकड़ रहा है। एक ओर स्थायी समिति के सभापति ने इस प्रकरण की जांच के आदेश देते हुए ठेका स्थगित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर इस ठेके को बचाने के लिए पर्दे के पीछे हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि मनपा की ही एक नगरसेविका के पति, जो स्वयं ठेकेदार हैं, इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए स्थायी समिति के सदस्यों से लगातार संपर्क साध रहे हैं, ऐसी चर्चा नगर निगम के गलियारों में चल रही है।
बताया जा रहा है कि शहर के तीनों जोन में नाली सफाई का ठेका हासिल करने के लिए ‘संत मीराबाई सेवा सहकारी संस्था’ द्वारा फर्जी दस्तावेज लगाए जाने का आरोप पिछली स्थायी समिति की बैठक में लगाया गया था। भाजपा के सुभाष कासनगोट्टवार और कांग्रेस के सचिन कत्याल ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया, जिसके बाद सभापति मनस्वी गिर्हे ने तुरंत जांच के आदेश दिए। इससे संबंधित ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
नगरसेविका के ठेकेदार पति की ‘फोन डिप्लोमेसी’
अब इस मामले को शांत करने और अगली बैठक में किसी भी तरह इस प्रस्ताव को पास करवाने के लिए नगरसेविका के ठेकेदार पति सक्रिय हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से वे स्थायी समिति के सदस्यों को फोन कर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, रात के समय कुछ सदस्यों के घर जाकर गोपनीय मुलाकातें करने की भी चर्चा सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस ठेके में उनका प्रत्यक्ष हित क्या है।
जांच को प्रभावित करने की कोशिश?
इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसे अपनी रिपोर्ट स्थायी समिति के समक्ष पेश करनी है। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले ही राजनीतिक दबाव बनाकर मामले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की जा रही है। ठेके में कथित गड़बड़ी को छिपाने के लिए नगरसेविका के पति की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं।
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