विधान परिषद चुनाव: उद्धव ठाकरे का फैसला बनेगा गेमचेंजर, उम्मीदवारी पर टिकी निगाहें
नागपुर: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव का ऐलान होते ही राज्य की सियासत गरमा गई है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) एक बार फिर विधान परिषद के चुनावी मैदान में उतरेंगे? उनका कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में उनके अगले कदम पर सभी की नजरें टिक गई हैं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार राज्य की 9 नियमित सीटों और एक उपचुनाव के लिए 12 मई को मतदान होगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम को नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।
विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा को 5, शिवसेना को 2, राष्ट्रवादी कांग्रेस को 1 और महाविकास अघाड़ी को 1 सीट मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि महाविकास अघाड़ी की ओर से Uddhav Thackeray को उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं, इसी पर पूरा राजनीतिक गणित टिका हुआ है।
महायुति के पास फिलहाल मजबूत संख्या बल है। भाजपा के 231, एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना के 57 और सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस के 40 विधायकों के साथ गठबंधन बेहद मजबूत स्थिति में है। इस आधार पर महायुति के 8 उम्मीदवारों का जीतना लगभग तय माना जा रहा है।
वहीं, महाविकास अघाड़ी के पास कुल 46 विधायक हैं, जिससे उन्हें एक सीट मिलना तय माना जा रहा है। दूसरी सीट के लिए आवश्यक अतिरिक्त 10 वोट जुटाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगर उद्धव ठाकरे चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं, तो सत्ताधारी भाजपा बिनविरोध चुनाव कराने की दिशा में भी कदम बढ़ा सकती है। ऐसे में ठाकरे का फैसला इस चुनाव का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हो सकता है।
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