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Nagpur

Nagpur: मनपा की समितियों के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज, 118 नगरसेवकों को मिलेंगे पद


नागपुर: मनपा की राजनीति में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। स्थायी समिति, परिवहन समिति और अन्य विषय समितियों के गठन को लेकर 118 पार्षदों को पद दिए जाने की तैयारी है। आंकड़े साफ बताते हैं कि सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी है और समितियों पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति अंतिम दौर में है।

वियो: मनपा में समितियों के पुनर्गठन को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कुल 118 पार्षदों को विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सत्तारूढ़ भाजपा के 79 पार्षदों को समितियों में स्थान मिलेगा, जबकि विपक्ष की कांग्रेस को 27 पद दिए जाने की चर्चा है। शेष 15 पद अन्य दलों और निर्दलीय पार्षदों के खाते में जा सकते हैं।

सबसे ज्यादा नजरें स्थायी समिति पर टिकी हैं, जिसे मनपा की ‘मिनी कैबिनेट’ माना जाता है। बजट की मंजूरी, बड़े टेंडर, विकास योजनाओं की स्वीकृति और वित्तीय फैसलों में स्थायी समिति की भूमिका निर्णायक होती है। ऐसे में इस समिति में बहुमत बनाकर सत्ता पक्ष अपनी नीतियों को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

परिवहन समिति और अन्य विषय समितियां भी कम महत्वपूर्ण नहीं हैं। शहर की सड़कों, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, जल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े फैसले इन्हीं समितियों के जरिए लिए जाते हैं। राजनीतिक समीकरणों के बीच कई पार्षद सक्रिय लॉबिंग में जुटे हैं, ताकि उन्हें अहम समितियों में स्थान मिल सके।

विपक्ष संतुलित प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है और आरोप लगा रहा है कि सत्ता पक्ष बहुमत के दम पर सभी प्रभावशाली समितियों पर कब्जा जमाना चाहता है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि जनादेश उनके साथ है, इसलिए जिम्मेदारी भी उसी अनुपात में तय होगी।

समितियों का यह गठन सिर्फ पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि आने वाले समय में नगर निगम की नीतियों और विकास की दिशा तय करने वाला अहम राजनीतिक कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंतिम सूची कब जारी होती है और किसे कौन-सी समिति में स्थान मिलता है।