"सिंहस्थ में केवल लगाएं हिन्दू दूकान, गैर हिन्दू लगाए तो उन्हें उखाड़ फेंके", नितिन राणे के बयान से बढ़ सकता है विवादित बयान
नाशिक: नाशिक-त्रियंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ से पहले बयानों का दौर शुरू है। राज्य सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कुंभ को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिसपर विवाद हो सकता है। राणे ने कुंभ मेले में केवल हिन्दुओ को दूकान लगाने देने की मांग की है। इसी के साथ यह भी कहा कि, गैर हिन्दू दूकान लगाएंगे उनकी दुकाने उखाड़ के फेंक देंगे।
सिंहस्थ कुंभ मेला की तैयारियों के बीच नितेश राणे का बयान चर्चा में आ गया है। नासिक में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदू हित रक्षा की ओर से तैयार हिंदू प्रोफेशनल वर्कर्स की सूची जारी की और लोगों को संबोधित किया।
कुंभ मेले में दुकानों को लेकर बयान
मंत्री नितेश राणे ने कार्यक्रम में कहा कि कुंभ मेले में हिंदुओं के अलावा किसी अन्य समुदाय की दुकानें नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे उस विचार का स्वागत करते हैं जिसमें हिंदुओं से अपील की जाती है कि वे सामान भी हिंदुओं से ही खरीदें। राणे ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस तरह की बात उठाई थी और उस समय उनकी आलोचना हुई थी, लेकिन वे अपने बयान पर आज भी कायम हैं।
रमजान और व्यापार को लेकर टिप्पणी
राणे ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब रमजान के दौरान खाने-पीने की दुकानों पर हिंदू दिखाई नहीं देते, तो इसी तरह की व्यवस्था कुंभ मेले में भी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने कुरान पढ़ी है और उसमें जकात से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया।
‘जिहादी नहीं आने चाहिए’
राणे ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेले में “एक भी जिहादी नहीं आना चाहिए” और ऐसे लोगों को डर महसूस होना चाहिए। उन्होंने त्र्यंबकेश्वर का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ दुकानों के बाहर नाम अलग होता है, जबकि अंदर कोई और व्यक्ति बैठा होता है।
धर्मांतरण और लव जिहाद कानून का जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और राज्य में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाएगा। फिलहाल राणे के इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
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