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अजब-गजब स्थिति; चंद्रपुर भाजपा में इस्तीफों का दौर, पालकमंत्री डॉ. उइके भी हैं अनजान


चंद्रपुर: भाजपा की महानगर कार्यकारिणी घोषित होते ही दो उपाध्यक्षों ने इस्तीफा दे दिया, जबकि दो ने उपाध्यक्ष पद स्वीकारने से साफ इनकार कर दिया। पार्टी में नाराज़गी का दौर जारी है, मगर पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञ हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "किसने और क्यों इस्तीफा दिया, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।

महानगर भाजपा में इस समय नाराज़गी का माहौल है पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व पिछड़ा वर्ग आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हंसराज अहीर के कट्टर समर्थक, पूर्व नगरसेवक राजेंद्र अडपेवार ने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि "पार्टी में बाहर से आए लोगों को सम्मानजनक पद और व्यवहार दिया जाता है, जबकि वर्षों से पार्टी का काम करने वालों का अपमान किया जाता है और उन्हें सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं मिलता। अहिर के ही एक अन्य समर्थक विकास खटी ने भी उपाध्यक्ष पद लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया।

वहीं पूर्व मंत्री व विधायक सुधीर मुनगंटीवार के समर्थक राजू गोलीवार ने भी कई आरोप लगाते हुए उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। पूर्व नगरसेवक राहुल घोटेकर ने भी उपाध्यक्ष पद न लेने की बात महानगर अध्यक्ष सुभाष कासनगोट्टूवार से स्पष्ट रूप से कही। इन घटनाओं के चलते अहीर भी कासनगोट्टूवार से अंदरूनी तौर पर नाराज़  है ऐसा भाजपा के सूत्रे ने बताया । पार्टी में कुल मिलाकर नाराज़गी बढ़ रही है और इस्तीफों का सिलसिला जारी है।

इस संदर्भ में पालकमंत्री डॉ. उईके ने कहा कि उन्हें न तो इस्तीफों की जानकारी है और न ही उनके कारणों की। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें सच में इस घटनाक्रम की खबर पत्ता नहीं, या वे नाराज़गी के मुद्दे पर पर्दा डालना चाह रहे हैं, या फिर जिले के भाजपा नेताओं ने उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं दी। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ और पदाधिकारी इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।