logo_banner
Breaking
  • ⁕ केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, मुख्यमंत्री फडणवीस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए सहभागी ⁕
  • ⁕ गढ़चिरोली में 11 बड़े माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, माओवादिओं पर 68 लाख रुपये के थे इनाम ⁕
  • ⁕ Buldhana: कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं के साथ कई जगह गिरे ओले, आम, केला, अंगूर के बागों को नुकसान ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: अतिदुर्गम बंगाडी में केवल 24 घंटे में स्थापित किया गया नया पुलिस सहायता केंद्र ⁕
  • ⁕ सोलर ग्रुप ने पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट का किया पहला सफल परीक्षण, 45 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले 24 रॉकेटों का परीक्षण ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमआईडीसी में पिस्टल की नोक पर बार में लूट, कुख्यात अजीत सातपुते गैंग सहित 6 गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

"सक्रिय राजनीति से अस्थायी विराम, लेकिन वापसी तय", नवंबर 2026 के बाद फिर मैदान में उतरेंगे संदीप जोशी


नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के करीबी और भाजपा नेता संदीप जोशी (Sandeep Joshi) के राजनीति से संन्यास के ऐलान के बाद अब बड़ा यू-टर्न सामने आया है। जोशी ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए साफ किया है कि वे राजनीति नहीं छोड़ेंगे, बल्कि कुछ समय के ब्रेक के बाद फिर सक्रिय भूमिका में लौटेंगे।

शुक्रवार को प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अनौपचारिक बातचीत में संदीप जोशी ने बताया कि मई 2026 में उनका लेजिस्लेटिव काउंसिल (MLC) का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे करीब छह महीने का ब्रेक लेंगे। इसके बाद नवंबर 2026 से वे दोबारा सक्रिय राजनीति में वापसी करेंगे। इस बयान के बाद नागपुर के सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

फडणवीस-गडकरी की सलाह और कार्यकर्ताओं का दबाव बना वजह

सूत्रों के मुताबिक, जोशी के अचानक राजनीति छोड़ने के ऐलान के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क किया। मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने उनसे व्यक्तिगत बातचीत कर फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से भी भावनात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। जोशी ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने लगातार उनसे राजनीति में बने रहने की अपील की, जिसके बाद उन्होंने अपना निर्णय बदलने का फैसला किया।

क्या था रिटायरमेंट का ऐलान?

दरअसल, कुछ दिन पहले संदीप जोशी ने मौजूदा राजनीतिक माहौल, दलबदल और वफादार कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे कथित अन्याय को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया था। उनका रिटायरमेंट लेटर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा था कि 13 मई को कार्यकाल पूरा होने के बाद वे कोई भी पद स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने राजनीति को हमेशा समाज सेवा और वफादारी का माध्यम बताया, लेकिन वर्तमान दौर में बढ़ती मौकापरस्ती और सत्ता की होड़ को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।