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बबनराव तायवाड़े ने राज्य सरकार को दी चेतवानी, कहा- मराठा को कुनबी में दिया आरक्षण तो राज्य जलेगा


नागपुर: राज्य में मराठा आरक्षण को लेकर सियासत गरमाई हुई है। मराठा जहां ओबीसी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ओबीसी समाज के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसी पर अखिल भारतीय ओबीसी महासंघ के प्रमुख बबनराव तायवाड़े ने सरकार को चेतवानी दी है। उन्होंने कहा कि, अगर मराठा को ओबीसी कुनबी में शामिल किया जाता है तो इसके खिलाफ हम राज्य भर में आंदोलन करेंगे।"

तायवाड़े ने कहा, “ओबीसी संघ हमेशा से मराठा आरक्षण देने का कभी विरोध नहीं किया। हम उन्हें ओबीसी समाज को दिए आरक्षण न छूते हुए आरक्षण देने का समर्थन करते हैं। देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते हुए जब 16 प्रतिशत आरक्षण दिया गया हमने उसका विरोध नहीं किया, लेकिन दुर्भाग्यवश सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया। लेकिन अब वह मांग कर रहे हैं उन्हें ओबीसी में आरक्षण दिया जाना चाहिए।"

कांग्रेस नेता ने कहा, “ओबीसी में मराठा को उसमे शामिल करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने नियम तय किया है। जिसके तहत ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए आप को उस जाती के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ा है उसका सर्वे करना पड़ता है। ओबीसी आयोग इसका सर्वे करता है और अपनी रिपोर्ट जमा करता है। अगर आयोग कहेगा तो उस जाती को उसमे शामिल किया जाता है।”

सरकार को चेतवानी देते हुए तायवाड़े ने कहा, “मराठा समाज ओबीसी से आरक्षण की मांग कर रहा है, जो किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं। अगर सरकार ने ऐसा करने का सोचा और उनकी मांग को अनसुना करती है तो राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ पूरी ताकत से इसका विरोध करेगा और महाराष्ट्र धू-धू कर जल उठेगा।” उन्होंने आगे कहा, “उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते ऐसा विवाद सामने आया था, उस समय उन्होंने ओबीसी से आरक्षण नहीं देने की घोषणा की थी।”

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