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Maharashtra

CM देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनकारी छात्रों से की मुलाकात, मानी सभी मांगे; मंत्री उइके ने आंदोलन समाप्त करने का किया आवाहन


मुंबई/नागपुर: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते कई दिनों से आंदोलन कर रहे आदिवासी छात्रों को बड़ी जीत मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छात्रों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए सभी मांगों को मान्य कर लिया है। मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया। इसकी जानकारी आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। साथ ही, उईके ने छात्रों के आंदोलन समाप्त करने की बात भी कही।

ज्ञात हो कि, बीते 16-17 दिनों से नागपुर, पुणे सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्र अपनी विभिन्न मांगो को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्र लागातर सरकार से 13 अगस्त को जारी जीआर को रद्द करने सहित अपनी विभिन्न मांगो को आंदोलन कर रहे हैं। मांगो को लेकर राज्य सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बैठक हुई। इसके बाद सरकार ने हॉस्पटल में उम्र को लेकर जारी आदेश को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र अपनी विभिन्न मांगो को लेकर लगातार आंदोलन में बैठे हुए थे। छात्रों ने स्पष्ट किया था, जब तक सरकार लिखित में नहीं देती तब तक वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। 

सीएम की अगुवाई में छात्रों की हुई बैठक
छात्रों के आंदोलन को बढ़ते देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अहम् बैठक की। इस बैठक में आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधि मंडल भी मौजूद रहे। इसमें नागपुर सहित पुणे में आंदोलन में बैठे छात्र शामिल रहे। मुख्यमंत्री निवास वर्षा में आयोजित बैठक करीब दो घंटे तक चली। बैठक में छात्रों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी विभिन्न मांगे रखी। मुख्यमंत्री ने छात्रों की बातो को ध्यान से सुना और सभी मांगो पर सकारात्मक भूमिका निभाते हुए मान्य कर लिया। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों से आंदोलन समाप्त करने का आवाहन भी किया। 

मुख्यमंत्री तीन महीने में करेंगे समीक्षा
बैठक की जानकारी देते हुए मंत्री अशोक उइके ने कहा, "मुख्यमंत्री ने छात्रों द्वारा उठाए गए सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों और मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन और उसमें आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री तीन महीने बाद दोबारा छात्रों के साथ बैठक करेंगे।

उइके ने कहा, "छात्रों की सबसे प्रमुख मांग वर्ष 2017 के शासनादेश (GR) के अनुसार रोस्टर (बिंदूनामावली) में अनुसूचित जनजाति (ST) को दूसरा स्थान दिए जाने की थी, जिस पर गठित समिति को मुख्यमंत्री ने तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट मिलते ही आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।

इसके अलावा पेसा (PESA) कानून के तहत 17 में से बचे हुए संवर्गों में तत्काल भर्ती शुरू करने, 6 जुलाई 2017 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अधीन अधिसंख्य पदों पर कार्रवाई करने और एसटी अभ्यर्थियों के रिक्त पदों का निर्धारण 3 महीने में कर अगले 6 महीने में पूरी भर्ती प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ उइके ने शासकीय व अनुदानित आश्रम शालाओं में छात्रों की समस्याओं और सुविधाओं की जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने और पाई गई कमियों को तुरंत दुरुस्त करने की घोषणा भी की।