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Nagpur

नागपुर मनपा चुनाव में इतिहास, 21 वर्षीय ज्योति हत्तीठेले बनीं सबसे कम उम्र की नगरसेविका


नागपुर: नागपुर महानगरपालिका चुनाव में एक नया इतिहास रचते हुए मात्र 21 वर्ष की उम्र में ज्योति हत्तीठेले नगर निगम की सबसे कम उम्र की नगरसेविका चुनी गई हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर प्रभाग क्रमांक 5 से शानदार जीत दर्ज कर नगर निगम में प्रवेश किया है।

प्रभाग 5 से चुनाव लड़ते हुए ज्योति हत्तीठेले ने अपनी निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी अंजिला उके को कड़े मुकाबले में पराजित किया। ज्योति हत्तीठेले को कुल 14,009 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अंजिला उके को 12,985 वोट मिले। इस तरह ज्योति ने 1,024 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

ज्योति हत्तीठेले की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वे वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। कम उम्र में जनप्रतिनिधि बनकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि नगर की राजनीति में युवा नेतृत्व अब मजबूती से उभर रहा है।

चुनावी अभियान के दौरान ज्योति ने प्रभावी जनसंपर्क, मुद्दों पर स्पष्ट राय और सकारात्मक सोच के दम पर मतदाताओं का विश्वास जीता। उनकी जीत को भाजपा के लिए युवा शक्ति और महिला सशक्तिकरण की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

नागपुर की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले परिवार से आने वाली लक्ष्मी के माता-पिता पहले कॉर्पोरेटर रह चुके हैं। लक्ष्मी के पिता, स्वर्गीय राजू हट्ठीथेले, और माँ दुर्गा, दोनों ही नागपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पहले कॉर्पोरेटर थे। उनकी माँ दुर्गा भी पहले कॉर्पोरेटर रह चुकी हैं, लेकिन उनके जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों की वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

कैंपेन के दौरान, वह अपने पिता के काम का ज़िक्र करने से नहीं हिचकिचाईं, बल्कि उन्होंने लोकल मुद्दों, नागरिक सुविधाओं और युवा और महिला वोटरों की उम्मीदों पर अपना फोकस रखा। उन्होंने घर-घर जाकर बातचीत करने, कम अहमियत वाले कैंपेन स्टाइल और सीधी मीटिंग पर ज़ोर दिया। इन पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद, लक्ष्मी ने इतनी कम उम्र में चुनाव लड़कर अपना पक्का इरादा और लोकल सरकार में युवा नेताओं के बढ़ते असर को दिखाया है।

नगरसेविका चुने जाने के बाद ज्योति हत्तीठेले ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रभाग के सर्वांगीण विकास, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना रहेगा। उनकी इस ऐतिहासिक जीत से नागपुर की राजनीति में युवा वर्ग के बीच नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है।