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Chandrapur

जोरगेवार का मुनगंटीवार को निमंत्रण! वायरल फोटो से चंद्रपुर जिले की सियासत में मचा हड़कंप


-पवन झबाड़े
 
चंद्रपुर: शारदीय नवरात्र उत्सव के दौरान चंद्रपुर शहर का ऐतिहासिक महाकाली मंदिर और वहां आयोजित होने वाला महाकाली महोत्सव हमेशा से सांस्कृतिक, धार्मिक और अब राजनीतिक रंग के लिए ज्याना जा रहा है। इस महोत्सव की परंपरा पिछले कुछ वर्षों से चंद्रपुर के विधायक किशोर जोरगेवार ने चालू की है। हर साल विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों के साथ यह आयोजन भव्य रूप से संपन्न होता आया है।

अब तक इस महोत्सव में मंत्री, विधानसभाध्यक्ष और नामचीन नेता उपस्थिति दर्ज कर चुके हैं। लेकिन विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के माजी मंत्री  विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कभी भी इस महोत्सव में कदम नहीं रखा।राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जब जोरगेवार विधायक बने और मुनगंटीवार जिले के पालकमंत्री थे, तभी से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद सभी के सामने उजागर हो गए थे। पिछले कुछ वर्षों में यह संघर्ष और भी गहरा होता चला गया। चंद्रपुर के नागरिकों ने कई बार मुनगंटीवार और जोरगेवार के बीच का टकराव प्रत्यक्ष अनुभव किया है। इसी बीच अब एक नया मोड़ सामने आया है।

विधायक जोरगेवार के निकटवर्ती माने जाने वाले पूर्व नगरसेवक बलराम डोडानी हाल ही में विधायक सुधीर मुनगंटीवार के कार्यालय पहुंचे और उन्हें माता महाकाली महोत्सव की निमंत्रण पत्रिका सौंपी। इस दौरान का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।इस तस्वीर के सामने आने के बाद चंद्रपुर के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है, क्या महाकाली महोत्सव की शक्ति जोरगेवार–मुनगंटीवार के बीच वर्षों से चली आ रही दूरी को मिटा पाएगी? या फिर यह संघर्ष आने वाले स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनावों में और भी गहरा रंग लेगा? भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इसी सवाल को लेकर असमंजस की स्थिति है। कुछ का मानना है कि यह तस्वीर राजनीतिक बर्फ पिघलने का संकेत है, तो कई लोग इसे सिर्फ औपचारिकता मान रहे हैं। आने वाला समय ही तय करेगा कि महाकाली महोत्सव चंद्रपुर की राजनीति को नया मोड़ देगा या फिर जोरगेवार–मुनगंटीवार संघर्ष आगामी स्थानीय स्वराज संस्था चुनावों में और ज्यादा तेज़ होगा।