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शिवसेना का चेहरा होंगे किसान और दिव्यांग; कर्जमाफी पर बच्चू कडू बोले- सरकार पूरी तरह तैयार, जल्द आएगा जीआर


नागपुर: शिवसेना नेता बच्चू कडू (Bachhu Kadu) ने आगामी राजनीतिक और सामाजिक रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में शिवसेना (Shivsena) का मुख्य चेहरा किसान, मजदूर, वंचित वर्ग और दिव्यांग होंगे। प्रहार संगठन की बैठक के बाद कडू ने संगठन के विस्तार, किसान यात्रा और सरकार की कर्जमाफी योजना पर विस्तार से अपनी बात रखी।

शिवसेना और प्रहार संगठन की भविष्य की रणनीति
प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और शिवसेना नेता बच्चू कडू ने संगठन की आगामी रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रहार संगठन की बैठक में सामाजिक और राजनीतिक कार्यों का विभाजन किया जाएगा। जो लोग राजनीति से दूर रहकर केवल समाज सेवा करना चाहते हैं, वे प्रहार संगठन के माध्यम से कार्य करेंगे, जबकि राजनीति में रुचि रखने वालों को शिवसेना पूरी ताकत देगी।

कडू ने जोर देकर कहा कि राजनीति के लिए शिवसेना के अलावा उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है और वे 'धनुष-बाण' को घर-घर तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर एक 'संवाद यात्रा' निकालेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य विभागवार फसल पद्धतियों में सुधार करना और शिवसेना को किसान, मजदूर, वंचित और दिव्यांगों के प्रतिनिधि चेहरे के रूप में स्थापित करना होगा।

कर्जमाफी और किसानों की मांगें
कर्जमाफी के मुद्दे पर बच्चू कडू ने सरकार को उनके वादों की याद दिलाते हुए कहा कि विधानसभा में की गई घोषणा के बाद अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार को कर्जमाफी के लिए उदारता दिखानी चाहिए और कम से कम 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करना चाहिए।

कडू ने इस बात पर चिंता जताई कि घोषणा के बावजूद अभी तक सरकारी आदेश (GR) नहीं निकला है, जिसके कारण किसानों को नया कर्ज मिलने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 10-15 दिनों में जीआर निकल जाएगा। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि बुवाई से लेकर कटाई तक के कामों को 'मनरेगा' में शामिल किया जाए और किसानों को दी जाने वाली 50 हजार की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की जाए।

प्रशासनिक संवेदनशीलता और कड़े कानून की आवश्यकता
प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चू कडू ने छत्रपति संभाजीनगर में एक दिव्यांग महिला के साथ हुई निर्दयता की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन में मानवता खत्म होती जा रही है और उस महिला के पुनर्वास की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा, नसरापुर जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने मांग की कि अपराधियों के मन में डर पैदा करने के लिए कानूनों को और अधिक कठोर बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि आज समाज को उसी तरह की सख्त सजाओं की जरूरत है। कडू ने स्पष्ट किया कि उनके लिए मंत्रिमंडल विस्तार से कहीं ज्यादा आम जनता के मुद्दे महत्वपूर्ण हैं और वे आगामी सत्र में इन सभी विषयों को प्रमुखता से उठाएंगे।