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Chandrapur

विजय वडेट्टीवार-धानोरकर गुटों की खींचतान के बीच मनपा की स्थायी समिति सभा रद्द 


चंद्रपुर: विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण पिछले डेढ़ महीने से लंबित पड़ी चंद्रपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित की थी। लेकिन कांग्रेस के भीतर चल रहे राजनीतिक खींचतान और नगरसेवकों की पाला-बदली के घटनाक्रम के चलते महत्वपूर्ण बैठक कोरम के अभाव में स्थगित करनी पड़ी। इसके चलते शहर के कई विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव एक बार फिर अटक गए हैं।

11 जून की मध्यरात्रि कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में अचानक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार गुट से जुड़े पांच नगरसेवक अचानक संपर्क से बाहर हो गए। इनमें स्थायी समिति के कुछ सदस्य भी शामिल थे। परिणामस्वरूप बैठक के लिए आवश्यक कोरम पूरी नहीं हो सकी और ऐन वक्त पर बैठक स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा।

पिछले डेढ़ महीने से स्थायी समिति की एक भी बैठक नहीं हुई थी। इसके चलते शहर की सड़कें, पेयजल आपूर्ति, विकास कार्यों तथा अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़े कई प्रस्ताव लंबित पड़े थे। आचार संहिता समाप्त होने के बाद 12 जून को बैठक बुलाई गई थी। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले नाला सफाई, आपातकालीन व्यवस्थाओं, विभिन्न ठेकों को मंजूरी तथा महानगरपालिका में चर्चित संत मीराबाई बहुउद्देशीय संस्था के ठेके से जुड़े जांच प्रतिवेदन को भी स्थायी समिति के समक्ष रखा जाना था। लेकिन नगरसेवकों की अनुपस्थिति के कारण ये सभी विषय फिर से अधर में लटक गए।

विधायक बनाम सांसद

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच चल रहा अंदरूनी राजनीतिक संघर्ष प्रमुख कारण है। महानगरपालिका में कांग्रेस के गुटनेता राजेश अडूर को बदलने की कवायद शुरू है। इसके लिए आवश्यक बहुमत जुटाने के प्रयासों के बीच नगरसेवकों की  पाला-बदली का दौर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर, इन राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए वडेट्टीवार गुट द्वारा भी कुछ नगरसेवकों को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है दोनों गुटों के बीच चल रही इस रस्साकशी का सीधा असर आज शुक्रवार को होने वाले स्थायी समिति सभा पर दिखा ।

नागरिकों की समस्याएं फिर पीछे छूटी

निर्धारित समय पर सदस्य उपस्थित नहीं हुए, जिससे कोरम पूरा नहीं हो सका। आखिरकार बैठक स्थगित करनी पड़ी। बारिश के मौसम की शुरुआत से पहले नाला सफाई, स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं और विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लंबित रह गए हैं।राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में नेताओं ने अपनी पूरी ताकत नगरसेवकों को अपने पक्ष में रखने पर लगा दी, लेकिन इससे चंद्रपुर के नागरिकों की समस्याएं पीछे छूट गईं। अब शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि राजनीतिक खींचतान के इस दौर में आम जनता की समस्याओं का समाधान आखिर कब होगा?