महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों में SIR की घोषणा, अप्रैल से शुरू होगा विशेष मतदाता सत्यापन अभियान
मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी।
आयोग के सचिव पवन दीवान ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को पत्र भेजकर तैयारियां शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और शुद्ध बनाने के उद्देश्य से यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
क्या है SIR?
- स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसके तहत—
- 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा।
- मृत अथवा अन्य स्थान पर स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।
- नाम, पते और अन्य विवरणों में त्रुटियों को सुधारा जाएगा।
- एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को निरस्त किया जाएगा।
कैसे होगी प्रक्रिया?
ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मतदाताओं को आवश्यक फॉर्म भरकर पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
चुनाव आयोग के अनुसार, पिछले दो दशकों में बड़े पैमाने पर जनसंख्या बदलाव, माइग्रेशन और अन्य कारणों से मतदाता सूची में व्यापक सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है। SIR का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों में यह अभियान आगामी चुनावी प्रक्रियाओं से पहले मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा
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