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Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत


अकोला: अकोला शहर की जलापूर्ति के लिए काटेपूर्णा और मोर्णा परियोजनाओं से कुल 24.03 दलघमी पानी आरक्षित किया गया है। जिला स्तरीय आपातकालीन पेयजल निर्धारण समिति की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए जिले की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं के पानी का आरक्षण तय किया गया। इसके तहत काटेपूर्णा परियोजना से 9.03 दलघमी और मोर्णा मध्यम परियोजना से 15 दलघमी पानी अकोला शहर के लिए मंजूर किया गया है।

जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में जिले की विभिन्न जल परियोजनाओं में उपलब्ध जल भंडार की समीक्षा की गई। इसके आधार पर पेयजल सहित अन्य गैर-सिंचाई जरूरतों के लिए पानी आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। संबंधित विभागों को पानी के बिलों का बकाया चुकाने और जिन उपभोक्ताओं ने ई-मीटर नहीं लगाए हैं, उनके यहां मीटर लगाने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उपलब्ध जल स्रोतों का उचित उपयोग करने पर जोर दिया गया। गैर-सिंचाई जरूरतों के लिए पानी आरक्षित करने के बाद शेष पानी से रबी सीजन 2026-27 के लिए सिंचाई की योजना बनाने के निर्देश दिए गए।

मुर्तिजापुर के लिए भी पानी का नियोजन

मुर्तिजापुर शहर की जलापूर्ति के लिए घुंगशी बैराज से 3 दलघमी पानी आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, पहले इस पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि पानी पीने योग्य पाया जाता है, तभी इसे मुर्तिजापुर के लिए आरक्षित किया जाएगा। अन्यथा काटेपूर्णा बैराज (मंगरुल कांबे) से 3 दलघमी पानी देने का निर्णय लिया गया है।

सरकारी निर्णय के अनुसार, संबंधित एजेंसियों को आरक्षित पानी की राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा 15 दिनों के भीतर जल संसाधन विभाग में जमा करना अनिवार्य है। इन निर्णयों से जिले की जलापूर्ति व्यवस्था और आगामी रबी सीजन के लिए जल नियोजन को दिशा मिलने की उम्मीद है।