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Akola

Akola: चिंचखेड़ में 11 मीटर चौड़ा और 1 मीटर ऊंचा वन बांध का निर्माण, भूजल स्तर बनाए रखने की पहल


अकोला: जिले में औसत से कम बारिश और लगातार गिरते भूजल स्तर की समस्या को देखते हुए जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भूजल सर्वेक्षण एवं विकास यंत्रणा की ओर से पातुर तहसील के चिंचखेड़ गांव के पास नाले पर वन बांध का निर्माण किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बारिश के पानी को रोककर उसका उपयोग करना, पशुओं के लिए पेयजल उपलब्ध कराना और आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद करना है।

भूजल सर्वेक्षण एवं विकास यंत्रणा के आयुक्त की संकल्पना तथा अमरावती विभाग के उपसंचालक डॉ. चंद्रकांत भोयर के मार्गदर्शन में इस वन बांध का निर्माण किया गया। इसमें अकोला स्थित भूजल सर्वेक्षण एवं विकास यंत्रणा कार्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभाग लिया। इस कार्य में चिंचखेड़ ग्राम पंचायत के सरपंच विकास वानखेडे, ग्राम सेवक और स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। सभी के सामूहिक प्रयासों से गांव के पास स्थित नाले पर 11 मीटर चौड़ा और 1 मीटर ऊंचा वन बांध बनाया गया। बंधारे के निर्माण के बाद नाले के ऊपरी हिस्से में पानी जमा होना शुरू हो गया है। इससे नाले से बहकर जाने वाले पानी को रोकने में मदद मिलेगी। 

इस पानी का मुख्य रूप से पशुओं के पीने के लिए उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही, पानी जमीन में रिसने से आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर बनाए रखने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है। वनराई बंधारे के निर्माण के लिए वरिष्ठ भूवैज्ञानिक संजय कराड ने तकनीकी मार्गदर्शन दिया। कम बारिश और गिरते भूजल स्तर की चुनौती के बीच चिंचखेड़ में बनाया गया यह वन बांध जल संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।