logo_banner
Breaking
  • ⁕ केंद्र सरकार ने पुलिस मैडल पुरस्कार का किया ऐलान, माहुरकर, पोटे और बाराभाई को उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला मेडल ⁕
  • ⁕ नागपुर शिवसेना (UBT) में बड़ा फेरबदल; नितिन तिवारी की छुट्टी, किशोर कुमेरिया बने महानगर प्रमुख ⁕
  • ⁕ "छत्रपति के भक्तों का खून आज भी रगों में दौड़ रहा है, आपकी सात पीढ़ियां भी महाराष्ट्र को हरा-भरा नहीं बना सकतीं", AIMIM नेता इम्तियाज जलील पर नवनीत राणा का पलटवार ⁕
  • ⁕ Akola: रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, ब्रिज से कूदने की तैयारी कर रहे युवक की रेलवे पुलिस ने बचाई जान ⁕
  • ⁕ Gondia: तिरोड़ा स्थित एचपी गैस एजेंसी में लगी भीषण आग; पूरा कार्यालय जलकर हुआ ख़ाक, लाखों का नुकसान ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर मनपा में सत्ता विवाद का पटाक्षेप: धानोरकर-वडेट्टीवार में समझौता ⁕
  • ⁕ राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का संजय राऊत पर तीखा प्रहार, कहा - 2047 तक तक न देखें छठे माले पर बैठने का सपना ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Amravati

Amravati: पदभार के दूसरे ही दिन अचलपुर नगरपालिका नजर आई वीरान, नागरिकों की उम्मीदों पर पानी


अमरावती: अचलपुर नगरपालिका में नवनिर्वाचित नगरसेवकों और नगराध्यक्ष के बड़े उत्साह से पदभार ग्रहण करने के बाद दूसरे ही दिन ही पालिका का कारभार पूरी तरह ठप्प हो गया। कार्यालय में एक भी कर्मचारी मौजूद न होने से आम नागरिकों के काम रेंगते रहे, और बड़ी उम्मीदों के साथ आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

हाल ही में हुए नगरपालिका चुनाव में नागरिकों ने विकास की अपेक्षाओं से अपने प्रतिनिधि चुने। लेकिन पदभार ग्रहण करने के बाद पहले ही कार्यदिवस पर प्रशासन और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की अनुपस्थिति से नागरिकों में तीव्र नाराजगी व्याप्त है। शुक्रवार को पालिका परिसर में नागरिकों का रोष साफ दिखा।

जानकारी के अनुसार, अचलपुर नगरपालिका के मुख्याधिकारी धीरजकुमार गोहाड ने बहिरम में निजी पार्टी का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम के लिए पालिका के सभी नगरसेवक, पदाधिकारी और कार्यालयी कर्मचारियों को आमंत्रित किया गया। नतीजा यह कि पूरी नगरपालिका दिन भर बंद रही। कार्यालय की कुर्सियां खाली, कर्मचारी गैरहाजिर और नागरिक हवा में ताकते रहे।

खास बात यह है कि शनिवार-रविवार छुट्टी के दिन होने पर भी कार्यदिवस पर ऐसा आयोजन करना कितना उचित है, यह सवाल नागरिक उठा रहे हैं। पदभार के दूसरे ही दिन प्रशासन की इस हरकत से अचलपुर नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं, और नागरिकों में तीव्र असंतोष फैल गया है।