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मंडी: किसानों की स्थिति दुबले पर दो आषाढ़ जैसी, अतिवृष्टि से 70 प्रश से अधिक नुकसान


  • नई फसल आते ही गिरे सोयाबिन के दाम

अमरावती. इस वर्ष जून महीने की शुरुआत से बारिश ने कहर ढहाना शुरू कर दिया है. बारिश अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही है. इस वर्ष जिले में 2 लाख 52 हजार हेक्टेयर पर सोयाबीन की बुआई हुई. लेकिन जिले के अधिकांश राजस्व मंडल में 65 मिमी से ज्यादा बारिश हुई है. जिससे खेतों में जलजमाव के कारण 70 प्रतिशत से ज्यादा सोयाबीन पानी में रहने से उसका नुकसान हुआ. दशहरे से पहले जब एक सप्ताह तक बारिश थम गई थी. किसान फसल काट कर घर ले गए. लेकिन यही सोयाबीन जब किसान बेचने कृषि उपज मंडी में ले जा रहे तो वहां सोयाबीन के दाम लगातार गिर रहे हैं. पिछले सप्ताह जो सोयाबीन 4300 रुपए प्रति क्विंटल बेचा जा रहा था. वह बुधवार को 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल बेचा गया. इस कारण किसानों की वर्तमान स्थिति दुबले पर दो आषाढ़ जैसी बन चुकी है.

अधिकांश राजस्व मंडल में 65 प्रतिशत से ज्यादा बारिश

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष सोयाबीन को 10 हजार के करीब दाम मिलने के कारण इस बार जिले के किसानों ने सोयाबीन की बुआई का क्षेत्र बढ़ा दिया. इस वर्ष खरीफ के मौसम में जिले में 2 लाख 52 हजार 117 हेक्टेयर जमीन पर सोयाबीन की बुआई हुई.  वहीं 2 लाख 53 हजार 733 हेक्टेयर पर किसानों ने कपास बोया है. किंतु जुलाई महीने के अंत में जिले के अधिकांश राजस्व मंडल में 65 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हुई. जिला प्रशासन की ओर से अतिवृष्टि क्षेत्र के फसलों का उसी समय पंचनामा किया गया था. लेकिन उसके बाद अक्टूबर महीने के शुरुआती दिनों में भी अधिकांश खेतों में बारिश के कारण जलजमाव हुआ है. वर्तमान में स्थिति यह बनी है कि सोयाबीन की कटाई करना जरूरी है. 

लगातार गिर रहे हैं दाम

पिछले एक सप्ताह में जिन किसानों ने सोयाबीन काटकर उसकी गंजी खेत में लगा दी. वह बारिश में गीली होने से यह सोयाबीन की फल्लियां अब काली पड़ने लगी है. नवरात्रि में लगभग एक स्पताह बारिश रुकी थी. उस समय कुछ किसानों ने सोयाबीन काट कर घर लाया. दिपावली नजदीक रहने से किसानों ने नया सोयाबीन जब बेचने बाजार में लाया तो कृषि उपज मंडी में पिछले चार दिनों से सोयाबीन के दाम लगातार गिर रहे हैं. पिछले सप्ताह 4400 रुपए प्रति क्विंटल से बेचा गया सोयाबीन मंगलवार को 4300 रुपए और बुधवार को 4000 रुपए प्रति क्विंटल भाव से बेचा गया. इस स्थिति में भी बुधवार को 80 बोरे सोयाबीन की आवक स्थानीय कृषि मंडी में रही.