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Bhandara

Paddy Purchase Scam: सरकार की बड़ी कार्रवाई, Bhandara जिला विपणन अधिकारी गणेश खर्चे निलंबित


भंडारा: आधार मूल्य खरीद योजना के तहत धान घोटाले (Paddy Purchase Scam) में शामिल संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने में लापरवाही दिखने के मामले में जिला विपणन अधिकारी गणेश खर्चे (District Marketing Officer Ganesh Kharche) नप गए हैं। राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध निदेशक के आदेश पर खर्चे को निलबिंत कर दिया है। इस घोटाले में यह पांचवी कार्रवाई है। कुछ महीने पहले भंडारा, गोंदिया जिले के चार अधिकारियो को पहले ही निलंबित किया जा चूका है। 

ज्ञात हो कि, धान घोटाले के तहत जिले के आठ केन्द्रो पर खरीद में अनियमितता पाई गई थी। जांच में पता चला था कि, इन केन्द्रो में हुए घोटाले के कारण पनन महासंघ को 28 करोड़ 39 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद संघ ने खर्चे को इन सभी आठ खरीदी केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। लेकिन खर्चे ने इसमें लापरवाही दिखाते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। 

विभागीय जांच शुरू करने का दिया आदेश 

जांच में पता चला की विपणन अधिकारी रहते खर्चे ने केवल कार्रवाई करने में लापरवाही जताई, बल्कि जानकारी के बावजूद कोई खुलासा नहीं किया।  जब इस संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराई गई तो जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विपणन अधिकारियों को दोषी ठहराया गया। सभी मामलों में उन्होंने लापरवाही और गैर जिम्मेदारी दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने कार्यालय के अनुशासन का उल्लंघन किया है।  निलंबन के बाद मुख्यमंत्री शिंदे ने खर्चे के खिलाफ विभागीय जांच करने का आदेश प्रबंध निदेशक डॉ. सुग्रीव धपते को दिया है। 

इन अधिकारीयों का हो चूका है निलंबित 

धान घोटाले में लापरवाही दिखाने के मामले में राज्य सरकार ने भंडारा-गोंदिया जिले के चार अधिकारीयों को पहले ही निलबिंत कर चुकी है। इसमें भंडारा जिला विपणन अधिकारी भारत भूषण पाटिल और तत्कालीन गोंदिया जिला विपणन अधिकारी मनोज वाजपेयी को निलंबित कर दिया गया था। वहीं अब खर्चे के निलबित करने के बाद गणेश घाड़गे को दूसरी बार भंडारा जिला विपणन अधिकारी का प्रभार दिया गया है।