महिला बाल विकास विभाग की फिल्मी स्टाइल कार्रवाई, नवजात बालिका को डॉक्टर ने डेढ़ लाख में बेचा, पांच लोगों पर मामला दर्ज
भंडारा: एक स्वयंसेवी संस्था की मदद से १० दिनों की नवजात बालिका को इलाज के लिए नागपुर भेजने की बात कहकर उसे एक व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये में बेचने का मामला उजागर हुआ है। इस पूरे प्रकरण का सूत्रधार गोंदिया का एक डॉक्टर है। उसके साथ पांच लोगों पर अपराध दर्ज किया गया है।
इस मामले में अब तक केवल एक ही व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य सूत्रधार डॉ. नितेश बाजपेयी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। किसी फिल्म या बड़े शहरों में ही देखने को मिलने वाला बच्चों की बिक्री का मामला जिले में उजागर होने से निश्चित रूप से यह गंभीर विषय है। खासकर एक डॉक्टर का इसमें मुख्य सूत्रधार होना चिकित्सा क्षेत्र के बचे-खुचे पवित्रता को चुनौती देता है। भंडारा जिले की मोहाडी तहसील के पांढराबोडी में मालती प्रकाश वाघमारे नामक महिला के घर 10 दिन की नवजात बालिका होने की जानकारी २ फरवरी को महिला व बाल कल्याण विकास विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर अज्ञात व्यक्ति ने दी।
जिला समन्वयक सहित कर्मचारी वाघमारे के घर पहुंचे। वहां उन्हें बालिका मिली। मालती ने बताया कि लड़की को गोंदिया से लाया गया है। इस बीच अधिक जांच के लिए मालती वाघमारे को ३ फरवरी को भंडारा महिला बाल कल्याण विभाग में बुलाया गया था। लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। इसलिए चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयिका की ओर से पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। वरठी पुलिस थाने की टीम तुरंत पांढराबोडी पहुंची लेकिन महिला बालिका को लेकर चारपहिया वाहन से निकल चुकी थी।
पुलिस ने नाकाबंदी कर कुशारी फाटा पर वाहन रोका जिसमें पूर्णिमा धुर्वे 10 दिन की बालिका के साथ मिलीं। बालिका के आधिकारिक माता-पिता के संदर्भ में या कागजातों के बारे में उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। साथ ही गोंदिया के एक डॉक्टर के कहने पर लड़की को गोंदिया ले जा रही हूं, यह जिला बाल संरक्षण अधिकारी को बताया। अब इस मामले में पांच लोगों पर अपराध दर्ज किया गया है और एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
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