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Bhandara: सेतु केंद्र का संचालक 11 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, असली दस्तावेज लौटाने के लिए मांगे थे पैसे


भंडारा: भंडारा जिले से भ्रष्टाचार की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लाखनी में 'नेहा सेतु केंद्र' के संचालक को एंटी करप्शन ब्यूरो ने 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक निर्माण श्रमिक के बच्चों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज वापस करने के बदले में पैसों की मांग की थी। इस कार्रवाई के बाद से लाखनी परिसर के सेतु केंद्र संचालकों में हड़कंप मच गया है।

मामला लाखनी के सिंधी लाइन चौक स्थित नेहा सेतु केंद्र का है। शिकायतकर्ता, जो महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के एक पंजीकृत श्रमिक हैं, उन्होंने साल 2021 में अपने बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए यहाँ ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के वक्त केंद्र संचालक सतीश तुलसीराम मोटघरे ने बच्चों की 10वीं की मार्कशीट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट, टीसी और श्रमिक कार्ड जैसे जरूरी असली दस्तावेज अपने पास रख लिए थे।

शिकायतकर्ता पिछले कई दिनों से अपने ये दस्तावेज वापस मांग रहे थे, लेकिन आरोपी सतीश मोटघरे टालमटोल कर रहा था। अंत में दस्तावेज लौटाने के बदले उसने सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों और खुद के लिए 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। समझौता होने पर मामला 11 हजार रुपये में तय हुआ।

रिश्वत देने की इच्छा न होने के कारण पीड़ित ने भंडारा एसीबी से इसकी शिकायत कर दी। योजना के मुताबिक, मंगलवार को जैसे ही आरोपी ने अपने सेतु केंद्र में 11 हजार रुपये की राशि स्वीकार की, पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। फिलहाल लाखनी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आरोपी के घर की तलाशी ली जा रही है।