logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Bhandara

मुफ्त में बन रहे 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार कार्ड, 100 डाकघरों में उपलब्ध कराई गई है सुविधा


भंडारा: भंडारा जिले में 142 डाकघर है. इन डाकघरों में से चुनिंदा 100 डाकघरों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.यह आधार कार्ड मुफ्त में बनाए जा रहे है. लेकिन इसकी जानकारी नहीं रहने की वजह से लाभ उठाने के लिए लोग सामने नहीं आ रहे है.

कोई झंझट नहीं

बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए क्या दस्तापेज लगेंगे यह आम तौर पर पहला सवाल होता है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि बाल आधारr बनवाने के लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल से प्राप्त डिस्चार्ज स्लिप के साथ माता या पिता में से किसी एक का आधार कार्ड चाहिए.इससे स्पष्ट हो जाता है कि अगर माता-पिता बाल आधार बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र मिलने तक का इंतजार नहीं करना चाहते तो वे अस्पताल के डिस्चार्ज स्लिप के आधार पर किसी भी नवजात बच्चे का बाल आधार बनवा सकते हैं.

बैंकिंग का जमाना है भाई

डाकघर कहते ही आंखों के सामने घरघर पत्र लेकर पहुंचने वाला डाकिया नजर आता है.जिले में अभी भी सौ से अधिक डाकियां कार्यरत है. पहले पत्र पहुचाने का काम वह करते थे. लेकिन पत्र भेजने का जमाना लद चुका है.अब इंटरनेट का जमाना है. डाक विभाग ने भी बदलते समय खुद को बदल डाला है. इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक इसी का नतीजा है. इस बैंक के माध्यम से डाक विभाग ने बैंकिंग क्षेत्र में कदम रखा और अब हर तरह की सेवा प्रदान कर रही है. 

इसके माध्यम से रोजगार गारंटी योजना के 1100 से अधिक मजदूरों को मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है. मातृवंदन योजना के लगभग 5 हजार लोगों को सरकारी राशि का भुगतान किया जा रहा है.विदयार्थियों को छात्रवत्ती देने और पेंशनरों को जीवित प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का काम भी यह बैंक कर रही है.