logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Bhandara

Bhandara: 4 साल का बच्चा घर के आंगन से लापता, तीन दिन बाद भी नहीं मिला सुराग; गांव में दहशत का माहौल


भंडारा: भंडारा जिले के तुमसर तहसील स्थित चिखला गांव में एक हैरान करने वाली घटना हुई है। जहां आंगन में खेलता एक चार साल का बच्चा अचानक गायब हो गया। बच्चे के गायब होने के बाद पिछले तीन दिनों से पुलिस विभाग और वन विभाग के अधिकारी उसे ढूढ़ रहे हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। बच्चे का अपहरण हुआ है या किसी जंगली जानवर ने उसका शिकार कर लिया है। तमाम पहलुओं को देखते हुए जांच की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गायब बच्चे का नाम निल है। 

मिली जानकारी के अनुसार, तुमसर तहसील की चिखला गांव के आरंभ में स्थित 52 कॉलोनी के आंगन में खेल रहा था। हालाँकि, अंधेरा होने के बाद भी नील घर नहीं लौटा। परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से गांव में खोजबीन की। हालाँकि, वह नहीं मिला। इसलिए, अंततः हताश परिवार के सदस्य गोबरवाही थाने पहुंचे और गोबरवाही पुलिस में निल के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने तलाशी ली लेकिन कुछ नहीं मिला। चूंकि पास में ही जंगल है, इसलिए वन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई। तीन दिन तक पुलिस और वन विभाग की टीमें ड्रोन और कुत्तों की मदद से जंगल में तलाश करती रहीं, लेकिन अभी तक नील चौधरी का पता नहीं चल पाया है। नील की माँ की नज़र जंगल पर टिकी हुई है। लेकिन नील कहीं नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि चिखला गांव में अक्सर जंगली जानवर आ जाते हैं और बच्चे को उठा ले गए।

लेकिन यह देखा गया है कि पुलिस वन विभाग आवश्यकतानुसार तलाशी अभियान नहीं चला रहा है, बल्कि एक मामले को दूसरे पर टाल रहा है। इसलिए ग्रामीण आक्रामक हो गए हैं और कहा है कि अगर आज लापता बच्चा नहीं मिला तो कल पुलिस थाने और वन विभाग कार्यालय के सामने धरना देंगे।