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Bhandara

Bhandara: 634 किसान धान खरीदी योजना से वंचित, वन जमीन का मालिकी पट्टा होने के बावजूद नहीं हो रहा पंजीयन


लाखांदूर: सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के धान खरीदी के लिए एनईएमएल प्रक्रिया के तहत किसानों के लाइव फोटो सहित 7/12 पंजीयन करना अनिवार्य किया गया. किंतु सरकार से कुल 634 किसानों को वन जमीन का मालिकी पट्टा प्राप्त के बावजूद धान खरीदी योजना के लिए उक्त किसानों का पंजीयन नहीं हो रहा है. जिसके कारण तहसील के कुल 634 वन जमीन धारक किसान धान खरीदी योजना से वंचित रहने का डर व्यक्त किया जा रहा है.

वन जमीन पर अतिक्रमण के तहत सरकार से मिला पट्टा 

बताया जाता है कि तहसील के विभिन्न गांवों के कुछ भूमिहीन किसानों ने पिछले कई वर्षों से सरकार के वन जमीन पर अतिक्रमण किया था. हालांकि अतिक्रमित जमीन में पिछले कई वर्षों से उक्त किसानों के तहत विभिन्न फसलों की बुआई कर परिवार का गुजारा किया जा रहा था. इस बीच सरकार ने वन जमीन पर अतिक्रमण कर्ताओं को उक्त जमीन नियमित करने के लिए स्थानीय स्तर सहित तहसील एवं जिला स्तर तक वन समिति का गठन किया गया था. इस समिति द्वारा पिछले कुछ वर्षों में तहसील के कुल 634 किसानों के अतिक्रमण नियमित करने के लिए सरकार के राजस्व विभाग से शिफारस की गई थी. जिसके तहत तहसील के कुल 634 वन जमीन धारक किसानों को सरकार से अतिक्रमित वन जमीन के मालिकी पट्टे दिए जाने की जानकारी है.

वन जमीन का पट्टा होने के बावजूद अटका पंजीयन 

पिछले कुछ वर्षों पूर्व तहसील के कुल 634 वन जमीन धारक किसानों को सरकार से मालिकी पट्टा प्राप्त हुआ है. जिसके तहत राजस्व रिकार्ड के अनुसार वन जमीन धारक किसानों के 7/12 पर किसानों के नाम भी दर्ज किए गए है. हालांकि सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत जमीन के मालिकी के अनुसार धान खरीदी के लिए किसानों के लाइव फोटो सहित 7/12 का पंजीयन किया जा रहा है. 

किंतु वन जमीन के पट्टे उपलब्ध होने सहित सरकार से उक्त जमीन का किसानों को 7/12 उपलब्ध होने के बावजूद धान खरीदी प्रक्रिया में पंजीयन नहीं हो रहा है. जिसके कारण तहसील के कुल 634 वन जमीन धारक किसान धान खरीदी योजना से वंचित रहने का डर व्यक्त किया जा रहा है. इस मामले में सरकार एवं प्रशासन ने तुरंत दखल लेकर वन जमीन धारक किसानों के पंजीयन होने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है.