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Bhandara

Bhandara: स्क्रब टायफस से रहे सावधान, झाड़ियों में पनपने से होती है बिमारी


भंडारा: चूहा या जंगल की घनी घास पर एक प्रकार के कीड़े के काटने के बाद 'ओरिएंटा सुटसुगामुशी' नामक बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करने पर स्क्रब टाइफस नामक बीमारी होती है. ट्रंबिकुलिड माइट्स का लार्वा, जिसे चिगर माइट्स कहा जाता है,के काटने से यह रोग होता है.ये चिगर माइट्स उन जगहों पर बैक्टीरिया होते हैं जहां पेड़, झाड़ियां और घास उगते हैं. ऐसी जगह से गुजरते समय इस रोगाणु के काटने से व्यक्ति को यह रोग हो जाता है. इसके चलते सावधान रहने की अपील जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिलिंद सोमकुवर ने किया.

इस रोग के कीट घास, खेतों, जंगल, लॉन, तालाबों, झरनों जैसे क्षेत्रों में पाए जाते हैं. ये कीट लाल, सिंदुरी-पीले रंग के होते हैं. पूर्ण विकसित कीड़े नहीं काटते हैं.केवल लार्वा के रूप में कीड़े ही काटते हैं. खेत और जंगल में काम करने वाले वन मजदूर, गांवों के बाहरी इलाके में रहने वाले लोग, आधे कपड़े पहनने वाले लोग, बिना दस्ताने के काम करने वाले मजदूर और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग इस बीमारी के शिकार होते हैं.इस बीमारी को बहुत खतरनाक बताया जाता है क्योंकि इस बीमारी से होने वाली मृत्यु दर 30% है.

सावधानी बरतें

  • पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें. 
  • आप घर के आस-पास उगने वाली घास, पेड़-पौधों को नष्ट कर दें. 
  • घर में चूहों और अन्य जानवरों से दूर रहें.
  •  घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे. 
  • बीमारी के लक्षण दिखते ही डॉक्टर को दिखाएं.

रोग के लक्षण

लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, ठंड लगना, मतली, संतुलन की हानि, सुस्ती, कंपकंपी, सूखी खांसी, निमोनिया जैसी बीमारी शामिल हैं.