logo_banner
Breaking
  • ⁕ मनोज जरांगे की ऑडियो क्लिप की होगी फॉरेंसिक जांच, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- ढाई साल बाद क्लिप का बाहर आने का क्या उद्देश्य? ⁕
  • ⁕ MLC Election: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया मतदान, बोले- जनता में दिख रहा उत्साह ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

भंडारा अर्बन बैंक के चार सदस्यों की गई सदस्य्ता, हाईकोर्ट ने दिया आदेश


भंडारा: सहकारिता मंत्री द्वारा संभागीय संयुक्त पंजीयक द्वारा दिये गये निरर्हता आदेश पर रोक के विरूद्ध उच्च न्यायालय में अपील करने वाले भंडारा अर्बन बैंक के निदेशक हीरालाल बांगडकर ने कानूनी लड़ाई जीत ली है। संभागीय संयुक्त पंजीयक के आदेश को बरकरार रखते हुए भंडारा अर्बन बैंक के चार सदस्यों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इन चारों निदेशकों पर अगले छह साल के लिए कोई भी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

भंडारा अर्बन बैंक जो जिले में सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी है। बैंक के निदेशक हीरालाल बांगडकर ने वर्तमान उपाध्यक्ष जयंत वैरागड़े, निदेशकों रामदास शहरे, ज्योति बावनकर और दिनेश गिरपुंजे के खिलाफ संभागीय सह-रजिस्ट्रार, सहकारी समिति नागपुर में शिकायत दर्ज कर चारों निदेशकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की. बांगडकर ने चारों निदेशकों पर बैंक के उप-नियमों में स्वीकृत प्रावधान के अनुसार अपना कर्तव्य नहीं निभाने का आरोप लगाया।

को-रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी नागपुर ने 19 मार्च, 2021 को सभी चार निदेशकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। सहकारिता मंत्री ने इस फैसले को टाल दिया था। इस बीच बांगडकर फिर से स्थगन के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के पास गए। उस स्थान पर दायर याचिका पर अदालत ने संभागीय संयुक्त पंजीयक द्वारा दिए गए आदेश पर रोक हटाने और बरकरार रखने का फैसला किया। अदालत ने चारों निदेशकों पर बैंक के उपनियमों के प्रावधानों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। बांगडकर ने कहा कि निदेशक पर अगले छह साल के लिए सहकारिता में कोई भी चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है. जल्द ही बैंक चुनावों की घोषणा होने की संभावना है। उस समय चार महत्वपूर्ण निदेशकों को लेकर इस फैसले से जिले में उत्साह का माहौल है।