logo_banner
Breaking
  • ⁕ विजय वडेट्टीवार का कौशल्य विकास योजना में 400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, चंद्रशेखर बावनकुले ने दिया उत्तर ⁕
  • ⁕ श्रीकृष्ण पाहुरकर के गंभीर आरोप, हर्षवर्धन देशमुख को पद से हटाने की मांग, कर्मचारियों पर प्रचार का दबाव बनाने का आरोप ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Nagpur: सामान वेतन सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर न्यायिक कर्मचारी संघ का प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

भंडारा जिले में 15 दिनों में दो बाघों की मृत्यु, दो साल में 6 बाघों का शिकार


भंडारा: भंडारा जिले में दो साल में 6 बाघों की मौत हो चुकी है। तुमसर तालुका में 15 दिनों में दो बाघों की मौत से काफी सनसनी फैल गई है। भंडारा जिले की तुमसर तहसील में 15 दिनों में दो बाघों की मौत हो गई है। वहीं, झंझेरिया में बाघ के शिकार के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पहले बाघ को देवनारा गांव के पास जहर दिया गया और उसकी मौत हो गई। जबकि अभी तक उसके आरोपी का पता नहीं चल सका है। दूसरी घटना में बाघ को बिजली का करेंट देकर मार दिया गया। इसके बाद बाघ को चार टुकड़ों में काट कर जंगल में फेंक दिया ताकि उनपर शक न हो। आख़िरकार, घटना तब सामने आई जब वन अधिकारी को तेज़ गंध आई। वन विभाग ने जांच करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

विदर्भ में चंद्रपुर के बाद भंडारा जिले में बाघों की संख्या सबसे अधिक है। इससे पहले भी बहेलिया गैंग सक्रिय था और कटनी गैंग के मोरक्या कट्टू पारधी को गिरफ्तार किया गया था। पारधी समुदाय बाघ के शिकार के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन अब देखने में आ रहा है कि स्थानीय लोग भी बाघ का शिकार कर रहे हैं।

अन्य जानवरों की जगह बाघ बन रहे शिकार 

स्थानीय लोग भालू, जंगली सूअर, हिरण, खरगोश जैसे जानवरों का शिकार करने के लिए बिजली के करंट का इस्तेमाल करते हैं। इन जानवरों का पीछा करने वाले बाघ इस जाल में फंस जाते हैं और मर जाते हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अन्य जंगली जानवरों के लिए लगाए गए जाल में बाघ मर रहे हैं। बड़ी संख्या में बाघ प्रवास करते हैं। क्षेत्रीय जंगल में बाघों के प्रवेश के बाद वन विभाग उनके लिए कोई ठोस उपाय नहीं करता है।