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Buldhana

Buldhana: ‘होय होय वारकरी, पाहे-पाहे पंढरी’ के नारों से गूंजा संत नगरी शेगांव; हजारों भक्त दर्शन करने पहुंचे श्री मंदिर


बुलढाणा: आषाढ़ एकादशी के मौके पर संत नगरी शेगांव ‘होय होय वारकरी, पाहे-पाहे पंढरी’ के नारों से गूंजा उठा। हजारों की संख्या श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और गजानन महाराज की समाधी के दर्शन किये। आषाढ़ एकादशी के मौके पर देश सहित राज्य भर के वारकरी पंढरपुर पहुंच चुके हैं। वहीं जो लोग वहां नहीं पहुंच सकते वह विदर्भ के पंढरी नाम से प्रसिद्ध शेगांव स्थित संत गजानन महाराज की समाधि स्थल पर श्री मंदिर पहुंचे। 

आषाढ़ी एकादशी संत गजानन महाराज संस्थान के लिए भी एक बड़ा उत्सव है। यह 'श्री' के लाखों भक्तों के लिए भी एक बड़ा उत्सव बन जाता है। ये भक्त गजानन महाराज में ही विठु माऊली के दर्शन करते हैं और समाधि स्थल पर माथा टेकते हैं। सुबह से ही देखा गया कि शेगांव में युवा और वृद्ध भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया।आस-पास के तालुकाओं से पैदल सेना भी बड़ी संख्या में प्रवेश कर गई।

 रात्रि में भी दर्शन की सुविधा

दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। मुख दर्शन के लिए अलग कतार होने से भक्तों को असुविधा से बचा जा सकता है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए आज आषाढ़ी की रात भी मंदिर खुला रहेगा. आज सुबह 'श्रीमान' की विधिवत पूजा हुई। आज शाम संस्थान की ओर से 'श्रीमान' के चांदी के मुखौटे वाली पालकी निकाली गई।