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Amravati

Amravati: लक्ष्य निर्धारण से पहले ही जिला सहकारी बैंक ने शुरू किया कर्ज वितरण; 120 करोड़ रुपये बांटे


अमरावती: खरीफ सीजन 2026-27 के लिए अभी तक आधिकारिक ऋण लक्ष्य (Target) तय नहीं हुए हैं, इसके बावजूद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ने किसानों को राहत देते हुए फसल ऋण का वितरण शुरू कर दिया है। 1 अप्रैल से अब तक जिले के 8,209 सदस्यों को 120.77 करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया जा चुका है।

नियमित कर्ज भरने वालों को प्राथमिकता
जिला सहकारी बैंक ने अपनी 273 सेवा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से उन किसानों को ऋण देना शुरू किया है जो नियमित रूप से कर्ज की अदायगी करते हैं। हालांकि, राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों ने अभी तक कर्ज वितरण को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जिससे कई किसान अब भी इंतजार में हैं। इस साल अग्रणी बैंक (Lead Bank) ने फसल ऋण की दरों में 12 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि करने की सिफारिश की है।

कर्जमाफी के पेच में फंसी बैंकें और किसान
राज्य सरकार द्वारा घोषित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना के मानदंड (Criteria) अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। परदेशी समिति को दी गई समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने से बैंक और किसान दोनों असमंजस में हैं।

प्रमुख चुनौतियां:

  • वसूली में रुकावट: कर्जमाफी की उम्मीद में पिछले सीजन की बकाया राशि की वसूली रुक गई है।
  • NPA का खतरा: समय पर भुगतान न होने के कारण कई बैंक खाते एनपीए (NPA) श्रेणी में जा रहे हैं।
  • लक्ष्य का इंतजार: पिछले साल 2.73 लाख सदस्यों के लिए 2,100 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस साल नियम स्पष्ट न होने से बैंक नए ऋण देने में हिचकिचा रहे हैं।

फिलहाल, जिला सहकारी बैंक के इस कदम से उन 8 हजार से अधिक किसानों को बड़ी राहत मिली है जिन्हें खरीफ की बुआई के लिए तत्काल धन की आवश्यकता थी। अब सबकी नजरें सरकार की ओर से आने वाले कर्जमाफी के दिशा-निर्देशों पर टिकी हैं।