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आगामी मानसून और जंगली जानवरों के प्रजननकाल के चलते मेलघाट जंगल सफारी 15 जून से 30 सितंबर तक बंद


अमरावती: मेलघाट टाइगर रिज़र्व में जंगल सफारी चाहने वाले पर्यटकों के लिए अहम खबर है। वन विभाग ने मानसून अवधि को ध्यान में रखते हुए सेमाडोह, चिखलदरा, हरिसाल, शहानूर, नरनाला और अन्य सभी सफारी गेट 15 जून से 30 सितंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि करीब साढ़े तीन महीनों तक पर्यटक जंगल सफारी का आनंद नहीं ले सकेंगे।

आमतौर पर 15 जून से बारिश समाप्त होने तक राज्य के कई बाघ परियोजना और अभयारण्यों में पर्यटन बंद रहता है और 1 अक्टूबर से पुनः चालू होता है। वन विभाग ने 15 जून से मेलघाट की सफारी बुकिंग बंद कर दी है। इसकी सूचना आधिकारिक साइट पर उपलब्ध है। इसलिए पर्यटकों को मानसून खत्म होने तक सफारी के लिए प्रतीक्षा करनी होगी।

वन्यजीवों के प्रजनन का समय 

बरसात के मौसम में सड़कें खराब हो जाती हैं और जंगल में वाहन फँस सकते हैं। इसके अलावा वन्यजीवों का प्रजननकाल होने के कारण उनकी गतिविधियों में व्यवधान न हो, इसलिए सफारी बंद करने का निर्णय लिया गया है। विभाग के अनुसार तेज़ बारिश में जंगल के कच्चे मार्ग और भी अधिक कठिन हो जाते हैं, कई रास्ते बंद हो जाते हैं, नालों में पानी भर जाता है और दृश्यता कम हो जाती है, जिससे वाहन चलाना खतरनाक हो जाता है।

प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में मुख्य क्षेत्र की सफारियाँ बंद रखी जाती हैं। यदि वर्षा सामान्य रहे तो कुछ बफर जोन या सीमित मार्ग पर्यटकों के लिए खोले जा सकते हैं, परंतु लगातार मूसलाधार बारिश होने पर वे भी बंद किए जा सकते हैं। वन विभाग ने पर्यटकों से अनुरोध किया है कि वे सफारी बुक करने से पहले संबंधित अभयारण्य या विभाग की आधिकारिक जानकारी अवश्य जाँच लें।