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UPI पर MDR शुल्क लागू करने का फैसला फिलहाल टला, दिवाली के मद्देनजर सरकार ने फैसले को आगे बढ़ाया


नई दिल्ली: UPI पेमेंट करने वाले व्यापारियों के लिए बड़ी खबर है। मोदी सरकार ने UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लागू करने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है। यह नियम 15 अक्टूबर से लागू होने वाला था, लेकिन दिवाली के मद्देनजर इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब व्यापारियों को नई तारीख की घोषणा का इंतजार है।

देश में डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच UPI लेनदेन पर लगने वाले संभावित चार्ज को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR शुल्क लागू करने की योजना को फिलहाल टाल दिया गया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होनी थी, लेकिन दिवाली के त्योहार को देखते हुए इसके क्रियान्वयन को आगे बढ़ाया गया है।

MDR वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों के लेनदेन पर निर्धारित किया जाता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कही गई थी। हालांकि, इस फैसले को फिलहाल टाल दिया गया है और इसे लागू करने की नई तारीख का इंतजार है।

इस खबर के बाद व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि दिवाली के दौरान बाजारों में खरीदारी और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे समय में नए शुल्क लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका थी। फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा।