कर्ज वसूली में पिछड़ी मनपा, 1000 करोड़ का लक्ष्य वसूले केवल 50 करोड़...; जुर्माने में छूट नहीं मिलने से बकायादारों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
नागपुर: नागपुर मनपा ने संपत्ति कर के बकायादारों से वसूली के लिए 41 दिन का विशेष अभियान चलाया, लेकिन 1000 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले महज 50 करोड़ रुपए की ही वसूली हो सकी। यानी मनपा अपने तय लक्ष्य का सिर्फ 5 फीसदी हिस्सा ही वसूल पाई। अभियान के दौरान बकायादारों पर कार्रवाई के लिए कई तरह के अधिकार दिए गए थे, इसके बावजूद अपेक्षित नतीजे सामने नहीं आए।
नागपुर मनपा के संपत्ति कर विभाग ने बकायादारों से वसूली के लिए 20 अगस्त से 30 सितंबर तक 41 दिन का विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कई बैठकें कीं और बकायादारों से सख्ती से वसूली करने के निर्देश दिए। इस अभियान के जरिए मनपा ने करीब 1000 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य रखा था। बकायादारों के पानी कनेक्शन काटने, सामान जब्त करने से लेकर संपत्ति नीलाम करने तक की कार्रवाई के अधिकार संबंधित अधिकारियों को दिए गए थे।
लेकिन अभियान खत्म होने के बाद वसूली का आंकड़ा लक्ष्य से काफी पीछे रहा। मनपा के कर विभाग के मुताबिक कुल 50 करोड़ 4 लाख 4 हजार 391 रुपए की वसूली हुई। यानी 1000 करोड़ रुपए के लक्ष्य का सिर्फ करीब 5 फीसदी ही वसूल हो सका मनपा के आंकड़ों के अनुसार, संपत्ति कर का कुल बकाया 1279 करोड़ 5 लाख रुपए है। इसमें 683 करोड़ 66 लाख रुपए मूल कर, 586 करोड़ 70 लाख रुपए जुर्माना और 8 करोड़ 69 लाख रुपए वारंट राशि शामिल है।
जोनवार वसूली की बात करें तो लक्ष्मीनगर जोन सबसे आगे रहा, जहां 10 करोड़ 91 लाख रुपए की वसूली हुई। इसके बाद हनुमाननगर में 5 करोड़ 83 लाख, धंतोली में 5 करोड़ 61 लाख, लकड़गंज में 4 करोड़ 99 लाख, धरमपेठ में 4 करोड़ 50 लाख और आसीनगर में 4 करोड़ 26 लाख रुपए वसूले गए। वहीं मनपा मुख्यालय में 89.64 लाख रुपए की वसूली हुई।
वसूली कम रहने की एक बड़ी वजह जुर्माने में छूट नहीं मिलना भी बताई जा रही है। कर समिति की सभापति सरिता कावरे समेत भाजपा के कई पार्षदों ने जुर्माने की राशि में 50 फीसदी छूट देने की मांग की थी। हालांकि इस पर सहमति नहीं बन सकी।
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