महंगाई का झटका! कच्चा माल 74% तक महंगा, साबुन, बिस्किट, चॉकलेट और तेल के जल्द बढ़ सकते हैं दाम
नई दिल्ली: आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ने वाली है। वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन बाधित होने और कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल के चलते देश की एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों के लिए लागत काफी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि कई तरह का कच्चा माल 74% तक महंगा हो चुका है, जिसके कारण आने वाले दिनों में साबुन, तेल, टूथपेस्ट, बिस्किट और चॉकलेट जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजें और महंगी हो सकती हैं।
कंपनियों के मुनाफे पर असर, कीमतें बढ़ाना मजबूरी
क्रिसिल (CRISIL), एदारा कैपिटल और कोटक न्यूयो के विश्लेषकों का मानना है कि क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमतें बढ़ने और खाद्य पदार्थों की महंगाई के कारण कंपनियों का मार्जिन लगातार घट रहा है। हालांकि, अब तक कंपनियों ने कीमतों में केवल 3% से 5% तक की ही बढ़ोतरी की है, लेकिन लागत का पूरा बोझ कम करने के लिए आने वाले दिनों में वे उत्पादों के दाम और बढ़ा सकती हैं।
कच्चे माल में कितनी हुई बढ़ोतरी?
- फूड नेविगेशन मटेरियल: 74% तक महंगा
- प्लास्टिक रेज़िन: 60% की बढ़ोतरी
- पैकेजिंग: 46% तक महंगी
- रिफाइंड पाम ऑयल (आयातित): 10% महंगा
चाय और अन्य सामग्रियां: कीमतों में लगातार तेजी
त्योहारों के चलते फिलहाल कीमतों में सीमित बढ़ोतरीकोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के जानकारों के अनुसार, अभी त्योहारी सीजन चल रहा है, इसलिए कंपनियां एकदम से बहुत ज्यादा दाम बढ़ाने से बच रही हैं। शहरी क्षेत्रों में खपत तो मजबूत बनी हुई है, लेकिन महंगाई और कमजोर मानसून के असर से ग्रामीण इलाकों में मांग पर थोड़ा दबाव देखा जा रहा है। पुराने स्टॉक के खत्म होते ही बढ़ी हुई लागत का असली असर बाजार में पूरी तरह से दिखने लगेगा।
मोबाइल फोन टैरिफ भी 15% तक हो सकता है महंगा
महंगाई की मार केवल खाने-पीने के सामान पर ही नहीं, बल्कि आपके मोबाइल रिचार्ज पर भी पड़ने वाली है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां इस साल दिसंबर तक मोबाइल टैरिफ में 15% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इतना ही नहीं, अगले 10 वर्षों तक हर दो साल में मोबाइल टैरिफ 12% तक महंगे होने की संभावना जताई गई है। कंपनियों का मुख्य उद्देश्य प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) को मौजूदा 177 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये तक ले जाना है।
admin
News Admin