क्रॉपटेक तकनीक से कपास उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव, लखमपुर में रोजाना 400 से 500 किसान पहुंच रहे
चंद्रपुर: कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक और संतुलित उर्वरक प्रबंधन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से महाधन एग्रोटेक लिमिटेड की ओर से चंद्रपुर जिले के कोरपना तहसील अंतर्गत लखमपुर में कपास फसल निरीक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। किसान हरिदासभाऊ थिपे के खेत में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 किसान पहुंचकर पारंपरिक उर्वरक प्रबंधन और कंपनी की ‘क्रॉपटेक’ (Croptek) तकनीक पर आधारित पद्धति के बीच अंतर की जानकारी ले रहे हैं।
महाधन के प्रतिनिधि सचिन घोरपड़े के अनुसार, यह कार्यक्रम 15 से 19 तारीख तक आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन का कपास की वृद्धि और उत्पादन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को प्रत्यक्ष रूप से समझाया जा रहा है।
क्रॉपटेक तकनीक से उत्पादन बढ़ने का कंपनी का दावा
महाधन की क्रॉपटेक तकनीक में कपास की फसल को आवश्यक पोषक तत्व संतुलित मात्रा में उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। कंपनी के अनुसार, इस पद्धति से फसल की फलदार शाखाओं और कपास के टिंडों की संख्या में सुधार होने के साथ-साथ कपास की गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है।
कंपनी के प्रतिनिधियों का दावा है कि इस तकनीक का उचित उपयोग करने पर कपास के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन में बढ़ोतरी मिट्टी की स्थिति, मौसम, फसल प्रबंधन और अन्य कृषि परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
अतिरिक्त खर्च के मुकाबले अधिक आमदनी की संभावना
कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, क्रॉपटेक तकनीक अपनाने पर पारंपरिक पद्धति की तुलना में लगभग 4,000 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त खर्च आ सकता है। यदि कपास का औसत बाजार भाव 8,000 रुपये प्रति क्विंटल माना जाए और प्रति एकड़ 2.5 से 3 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन मिले, तो किसान को 20,000 से 24,000 रुपये तक अतिरिक्त सकल आय हो सकती है।
इसमें से 4,000 रुपये का अतिरिक्त खर्च घटाने पर लगभग 16,000 से 20,000 रुपये तक अतिरिक्त राशि बचने का अनुमान है। यह गणना कंपनी द्वारा बताए गए उत्पादन और बाजार भाव के अनुमानों पर आधारित है। वास्तविक लाभ उत्पादन, बाजार मूल्य और खेती की लागत के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है।
किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी
इस प्रदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल की वृद्धि और उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रतिदिन 400 से 500 किसानों की उपस्थिति के चलते क्षेत्र के कपास उत्पादकों में इस तकनीक को लेकर रुचि दिखाई दे रही है।
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