logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर का बड़ा दावा, भाजपा पर कांग्रेस का आरोप, कहा - एक वोट की कीमत 5000 रुपये ⁕
  • ⁕ नागपुर बुक फेस्टिवल में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा - मैं बहुत आलसी हूँ, लेकिन ... ⁕
  • ⁕ ऑपरेशन थंडर अंतर्गत क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से आई MD ड्रग्स की खेप के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार” एक अन्य की तलाश ⁕
  • ⁕ Akola: विकास के लिए भाजपा के हाथ में दें सत्ता: रवींद्र चव्हाण ⁕
  • ⁕ उपराजधानी नागपुर में लौटी ठंड, शनिवार को पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज ⁕
  • ⁕ Ramtek: सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय चुनाव का मामला लंबित होने से चिंता में उम्मीदवार ⁕
  • ⁕ Amravati: देवेंद्र फडणवीस का नवनीत राणा पूर्व सांसद नहीं रहेंगी वाला बयान से शुरू हुईं चर्चा, नवनीत राणा कहा - मैं फिर आऊंगी ⁕
  • ⁕ Akola: अपने बयान के लिए चर्चा में रहे अजित पवार ने अकोला में सार्वजनिक सभा में मांगी माफी ⁕
  • ⁕ Saoner: संविधान दिवस के मौके पर सावनेर में निकली रैली, सैकड़ो की संख्या में नागरिक रैली में हुए शामिल ⁕
  • ⁕ कांग्रेस सहित महाविकास अघाड़ी की सुस्त शुरुआत पर आशीष जायसवाल का तंज, कहा- चुनाव में लड़ने की मानसिकता नहीं ⁕
Amravati

सोना हुआ दस गुना ज्यादा महंगा, कपास का भाव साढ़े सात हजार


अमरावती: एक समय था जब सोने और कपास की कीमत एक ही अनुपात में बढ़ रहा था, लेकिन अब सोने की कीमत इतनी अधिक हो गई है कि सोना आम आदमी की पहुँच से दूर होता जा रहा है। वहीं, कपास की कीमत धीमी गति से बढ़ रही है। जिससे किसानों की हालात ख़राब हो रही है। बाजार में सोने की कीमत कपास से करीब दस गुना ज्यादा है। इसलिए किसानों का सफेद सोना पीले सोने के सामने फीका पड़ गया है।

किसानों को फसल बोने से लेकर उत्पाद प्राप्त करने तक काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। उसकी तुलना में ऐसी स्थिति है जहां खर्च निकालने के बाद फसल की बिक्री से किसान को कोई खास कीमत नहीं मिलती। दूसरी ओर सोने की कीमत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन सोने का कारोबार कम होता नहीं दिख रहा है। 

एक समय प्रति तोला  सोने और प्रति क्विंटल कपास की कीमत एक समान थी। लेकिन, समय के साथ सोने की कीमत में वृद्धि हुई और कपास की कीमत कई सालों से स्थिर ही है। साल 2012 में कपास की कीमत 3300 रुपये थी और सोने की कीमत 31 हजार 50 रुपये तक पहुंच गई थी। 

इसका परिणाम ये हुआ कि पिछले 10 से 12 वर्षों में सोने की कीमत कपास से भी अधिक तेजी से बढ़ी है, इसलिए सोना खरीदना आम और मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो गया है। हालाँकि, कपास की कीमत में उस तुलना में वृद्धि नहीं हुई है।  जिससे किसानों की स्थिति और भी बिगड़ती चली जा रही है।