logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

सोना हुआ दस गुना ज्यादा महंगा, कपास का भाव साढ़े सात हजार


अमरावती: एक समय था जब सोने और कपास की कीमत एक ही अनुपात में बढ़ रहा था, लेकिन अब सोने की कीमत इतनी अधिक हो गई है कि सोना आम आदमी की पहुँच से दूर होता जा रहा है। वहीं, कपास की कीमत धीमी गति से बढ़ रही है। जिससे किसानों की हालात ख़राब हो रही है। बाजार में सोने की कीमत कपास से करीब दस गुना ज्यादा है। इसलिए किसानों का सफेद सोना पीले सोने के सामने फीका पड़ गया है।

किसानों को फसल बोने से लेकर उत्पाद प्राप्त करने तक काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। उसकी तुलना में ऐसी स्थिति है जहां खर्च निकालने के बाद फसल की बिक्री से किसान को कोई खास कीमत नहीं मिलती। दूसरी ओर सोने की कीमत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन सोने का कारोबार कम होता नहीं दिख रहा है। 

एक समय प्रति तोला  सोने और प्रति क्विंटल कपास की कीमत एक समान थी। लेकिन, समय के साथ सोने की कीमत में वृद्धि हुई और कपास की कीमत कई सालों से स्थिर ही है। साल 2012 में कपास की कीमत 3300 रुपये थी और सोने की कीमत 31 हजार 50 रुपये तक पहुंच गई थी। 

इसका परिणाम ये हुआ कि पिछले 10 से 12 वर्षों में सोने की कीमत कपास से भी अधिक तेजी से बढ़ी है, इसलिए सोना खरीदना आम और मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो गया है। हालाँकि, कपास की कीमत में उस तुलना में वृद्धि नहीं हुई है।  जिससे किसानों की स्थिति और भी बिगड़ती चली जा रही है।