logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर में बंद, खराब पुलिस चौकियों को मिलेगी नई ज़िंदगी! पुलिस प्रशासन का निर्णय ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
National

क्या जल्द देश में बढ़ेंगे ईंधन के दाम? पीएम नरेंद्र मोदी की अपील- 'पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें, राष्ट्रहित में जिम्मेदारी निभाना ही असली देशभक्ति'


हैदराबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वैश्विक स्तर पर गहराते तेल संकट (Fuel Crisis) और सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को लेकर देशवासियों को सचेत किया है। हैदराबाद और बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि, बदलते वैश्विक परिवेश में अब हमें अपनी ऊर्जा जरूरतों और उपभोग के तरीकों को बदलना होगा। पीएम के इस बयान के बाद यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या आने वाले दिनों में देश में ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा होने वाला है?

'हमारे पास तेल के कुएं नहीं'
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में जनता को संबोधित करते हुए दो-टूक कहा कि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर है। उन्होंने कहा, "पड़ोसी देशों में जारी युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। चूंकि हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं, इसलिए इस वैश्विक संकट का असर भारत पर ज्यादा होता है।"

पीएम मोदी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जीवनशैली में छोटे बदलाव करें। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन शहरों में मेट्रो उपलब्ध है, वहां लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग करें। इसके अलावा कारपूलिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों को अपनाने पर जोर दिया ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे तेल के बोझ को कम किया जा सके।

देशभक्ति की नई परिभाषा
पश्चिम एशियाई संघर्ष (West Asia Conflict) का संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सप्लाई चेन संकट में होती है, तो चुनौतियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने एकता का आह्वान करते हुए कहा, "देशभक्ति का मतलब सिर्फ देश के लिए प्राण न्योछावर करना नहीं है। देश के लिए जीना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और अपनी नागरिक जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाना ही आज के समय की सच्ची देशभक्ति है।"

बढ़ सकते हैं दाम?
ज्ञात हो कि, युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने घरेलु सिलेंडर के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की थी। वहीं बीते दिनों तेल कंपनियों ने व्यावसायिक और 5 किलो वाले गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में जहां 993 रुपये की वृद्धि की गई, वहीं 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 260 रुपये तक बढ़ा दी गई। हांलाकि, इस दौरान घरेलु और पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह बयान जनता को भविष्य की संभावित आर्थिक चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करने की कोशिश हो सकता है। वैश्विक स्तर पर युद्ध और सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं के कारण बाजार पर दबाव बढ़ रहा है, जिसके चलते तेल कंपनियां आने वाले समय में कीमतों की दोबारा समीक्षा कर सकती हैं।