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Chandrapur

बाघ शिकारियों की गिरफ्तारी के मामले में चंद्रपुर वन विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, मेघालय के शिलांग से पूर्व सैनिक गिरफ्तार, सामने आया इंटरनेशनल कनेक्शन


चंद्रपुर: वन विभाग की एक विशेष टीम 25 जनवरी को चंद्रपुर जिले की राजुरा तहसील के जोगापुर जंगल में देश के कुख्यात बाघ शिकारी अजीत राजगोंड को पकड़ने में सफल रही। अजीत राजगोंड का मेघालय राज्य के शिलांग के पूर्व सैनिक लालनेई सांग के साथ संबंध साबित हुआ। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के प्रथम दृष्टया सबूत मिलने के बाद, टीम ने पूर्व सैनिक को हिरासत में लिया और राजुरा ले आई है। वन विभाग लालनेई सांग को अदालत में लाकर चार दिन की वन हिरासत में लेने में सफल रहा है।

25 जनवरी को मूर्ति मार्ग के जंगल में रहने वाले अजीत राजगोंड और पांच महिलाओं को वन विभाग ने हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसने वह स्थान बताया जहां वन्यजीवों को मारकर छिपाया गया था। खुदाई से कुछ वन्य जीवों के अवशेष प्राप्त हुए। फॉरेंसिक जांच के बाद अवशेष बाघ के पाए गए। आगे की जांच करने पर, मेघालय की राजधानी शिलांग से कुछ ही दूरी पर रहने वाले लालनेई सांग को वन विभाग ने हिरासत में ले लिया।

अब कहा जा रहा है कि बहेलिया जनजाति का चीन के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंध सामने आया है। इस जनजाति ने विदर्भ में कितने बाघों का शिकार किया? वन विभाग इसकी जांच कर रहा है कि उनके अवशेष कौन और कहां ले गया। 

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