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Gadchiroli

नक्सलियों ने की भामरागढ़ पंचायत समिति के पूर्व सभापति सुखराम मडावी की हत्या, पुलिस का मुखबिर होने के संदेह में ले ली जान


गढ़चिरोली: भामरागढ़ पंचायत समिति के पूर्व सभापति सुखराम मडावी की शनिवार को  नक्सलियों ने गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस सहायता केंद्र और लौह खदान खोलने के समर्थन में काम करने वाले मडावी की हत्या के स्थान पर नक्सलियों का एक पर्चा मिला था।

मडावी भामरागढ़ तहसील के कियर के निवासी थे। वह 2017 से 2019 तक ढाई साल तक भामरागढ़ पंचायत समिति के अध्यक्ष रहे। अगले ढाई वर्ष तक वे उपसभापति के पद पर कार्यरत रहे। कियर गांव भामरागढ़ तहसील मुख्यालय से 12 किमी दूर है और कोठी पुलिस सहायता केंद्र के अंतर्गत शामिल है। बीती रात करीब 11 बजे हथियारबंद नक्सली गांव में घुस आये। उन्होंने सुखराम को नींद से जगाया और गांव के बाहर एक खेत में ले गए। वहां उन्हें पीटा गया और मार डाला गया। 

घटनास्थल पर नक्सलियों ने एक पर्चा भी रखा है, जिसमें सुखराम मड़ावी को पुलिस मुखबिर बताया गया है। कहा जा रहा है कि पुलिस सहायता केंद्र खोलने और लौह खदानों का समर्थन करने के कारण उनकी हत्या कर दी गई।

पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सुखराम मडावी पुलिस मुखबिर नहीं थे। नक्सलियों ने एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या कर दी है। नीलोत्पल ने बताया कि पुलिस इस संबंध में जांच कर रही है। इस बीच, पिछले पांच-छह वर्षों में कई नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गये हैं और कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। राज्य सरकार जहां दावा कर रही है कि इससे नक्सली खत्म हो गए हैं। वहीं नक्सलियों ने एक बार फिर आम नागरिकों की हत्या कर दहशत फैलाने की कोशिश की है।