logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
National

प्रयागराज पहुंचे अभिनेता अक्षय कुमार ..... त्रिवेणी संगम में किया पवित्र स्नान


प्रयागराज: 2025 का महाकुंभ इस वर्ष का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस विशेष अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार प्रयागराज पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। अक्षय कुमार ने इस धार्मिक और ऐतिहासिक मौके पर श्रद्धा भाव से स्नान कर पुण्य अर्जित किया। पिछले एक महीने में दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं, ताकि वे इस महान अवसर का हिस्सा बन सकें और त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगा सकें। 

हर 12 वर्ष में होने वाला पूर्ण कुंभ तो होता ही है, लेकिन महाकुंभ विशेष रूप से खास होता है, क्योंकि यह पूर्ण कुंभ का ही एक रूप है, जो सिर्फ 144 वर्षों में एक बार आयोजित होता है। इस बार महाकुंभ का आयोजन और भी विशेष है क्योंकि इस समय चंद्रमा, सूर्य, बुध और बृहस्पति का अद्भुत संयोग हो रहा है, जो इसे और भी शुभ बनाता है। महाकुंभ का यह आयोजन जीवन भर में एक बार होने वाला अनुभव बन गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।