नागपुर से उठी दहाड़, दुनिया ने सुनी: ब्लैक टाइगर की तस्वीर पर भारतीय फोटोग्राफर को ग्लोबल सम्मान
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर से निकला एक युवा आज अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर प्रसेनजीत यादव को उनकी ऐतिहासिक तस्वीर के लिए विश्वप्रसिद्ध संस्था National Geographic ने “Photographer’s Photographer Award” से सम्मानित किया है।
यह सम्मान उन्हें उस दुर्लभ ‘ब्लैक टाइगर’ की तस्वीर के लिए मिला, जिसने अक्टूबर 2025 में प्रकाशित पत्रिका के कवर पर जगह बनाई और वैश्विक स्तर पर सनसनी मचा दी।
सिमलीपाल के जंगल से निकली कहानी
ओडिशा के सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान में बेहद कम दिखाई देने वाला काला बाघ वर्षों से रहस्य बना हुआ था। 2018-19 में टाइगर रिसर्च के दौरान प्रसेनजीत ने इस अनोखे बाघ को कैमरे में कैद किया। काले रंग की गहरी धारियों वाला यह रॉयल बंगाल टाइगर देखते ही देखते दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बन गया।
नागपुर से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक
प्रसेनजीत यादव ने नागपुर के हिस्लॉप कॉलेज से बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई की। युवा अवस्था में ही उन्होंने बेंगलुरु का रुख किया और शोध व फील्डवर्क के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। वे बेंगलुरु स्थित NCBS (नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज) से जुड़े रहे और टाइगर जेनेटिक्स पर उनका काम अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुआ।
पिछले 15 वर्षों से वे जंगलों में रहकर प्रकृति का अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान में वे अमेरिका के बर्कले (सैन फ्रांसिस्को) में शोध कार्य में व्यस्त हैं।
परिवार से मिला जुनून
मानद वन्यजीव रक्षक उधमसिंह यादव के बेटे प्रसेनजीत का प्रकृति से लगाव बचपन से रहा। पिता के कैमरे से शुरू हुआ यह शौक आज अंतरराष्ट्रीय पहचान में बदल चुका है। परिवार का कहना है कि जंगल उनके लिए सिर्फ कार्यस्थल नहीं, बल्कि घर जैसा है।
प्रसेनजीत यादव की यह उपलब्धि न केवल नागपुर, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। एक तस्वीर ने साबित कर दिया कि जुनून, धैर्य और दृष्टि हो तो दुनिया खुद पहचान देती है।
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